मुंबई, 22 अप्रैल (हि.स.)। महाराष्ट्र सरकार अक्षय तृतीया के अवसर पर 32 बाल विवाह रोकने में सफल रही है। महिला व बाल कल्याण विभाग ने अपनी ‘स्पेशल फोर्स’ के ज़रिए पूरे राज्य में कड़ी कार्रवाई की और एक ही दिन में ये बाल विवाह रोकने में सफल रही। यह जानकारी मंगलवार को महिला व बाल कल्याण मंत्री अदिति तटकरे ने दी।

मंत्री अदिति ने बताया कि यह कार्रवाई “बाल विवाह मुक्त भारत” अभियान के तहत की गई। बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के अनुसार, नाबालिग लड़कियों और लड़कों की शादी कराना एक दंडनीय अपराध है। चूंकि पारंपरिक प्रथाओं के कारण कुछ इलाकों में अभी भी बाल विवाह हो रहे हैं,। इसलिए सरकार ने 100 दिन का विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत जागरूकता और रोकथाम के उपाय किए गए है।
मंत्री अदिति के अनुसार यह कार्रवाई कोंकण, नासिक, छत्रपति संभाजीनगर, अमरावती और नागपुर विभाग में की गई। लड़कियों के पुनर्वास, शिक्षा और सुरक्षा के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं। कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। राज्य को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए कोशिशें तेज कर दी गई हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार
