जयपुर, 09 फ़रवरी (हि.स.)। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि अटल ज्ञान केंद्र योजना के तहत ग्राम पंचायत स्तर पर स्थापित किए जा रहे अटल ज्ञान केंद्रों को ग्रामीण युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण अध्ययन, डिजिटल साक्षरता और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के प्रभावी केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी केंद्रों में निर्धारित अधोसंरचना, डिजिटल सुविधाएं और अध्ययन संसाधन समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराए जाएं तथा कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।

मुख्य सचिव सोमवार को सचिवालय में आयोजित अटल ज्ञान केंद्र योजना की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि योजना के प्रथम चरण में जिन ग्राम पंचायत मुख्यालयों को लक्षित किया गया है, वहां निर्माणाधीन एवं पूर्ण हो चुके अटल ज्ञान केंद्रों की प्रगति की सतत समीक्षा की जाए और लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा कराया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि इन केंद्रों का संचालन इस प्रकार किया जाए, जिससे ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को आधुनिक अध्ययन सुविधाओं का अधिकतम लाभ मिल सके।

बैठक में पंचायतीराज विभाग के शासन सचिव एवं आयुक्त डॉ. जोगाराम ने योजना की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि प्रत्येक अटल ज्ञान केंद्र में ई-लाइब्रेरी, समसामयिक विषयों की पत्र-पत्रिकाएं, प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पुस्तकें, तार्किक एवं आलोचनात्मक चिंतन को बढ़ावा देने वाली सामग्री, स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा साहित्य, बहुभाषी समाचार-पत्र तथा ई-मित्र सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि चरणबद्ध रूप से प्रत्येक ग्राम पंचायत मुख्यालय पर अटल ज्ञान केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।
डॉ. जोगा राम ने बताया कि प्रथम चरण में तीन हजार से अधिक जनसंख्या वाली 2056 ग्राम पंचायतों को योजना में शामिल किया गया है। इनमें से 1687 अटल ज्ञान केंद्रों को वित्तीय स्वीकृति जारी की जा चुकी है। वर्तमान में 508 केंद्रों पर निर्माण कार्य प्रगति पर है, जबकि 243 अटल ज्ञान केंद्रों का निर्माण पूर्ण हो चुका है।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक अटल ज्ञान केंद्र के लिए लगभग 36×20 फीट का भवन, न्यूनतम चार डिजिटल वर्कस्टेशन, इंटरनेट कनेक्टिविटी, फर्नीचर और कम से कम 20 विद्यार्थियों के बैठने की अध्ययन सुविधा सुनिश्चित की जा रही है। इसके साथ ही इन केंद्रों को प्रशिक्षण एवं अन्य गतिविधियों के लिए एक्टिविटी सेंटर के रूप में भी विकसित किया जा रहा है।
बैठक में यह भी बताया गया कि अटल ज्ञान केंद्रों के संचालन के लिए अटल प्रेरकों की तैनाती प्रस्तावित है।
अटल प्रेरकों का मुख्य दायित्व ग्रामीण आबादी को डिजिटल रूप से साक्षर बनाना, ई-गवर्नेंस सेवाओं के उपयोग को बढ़ावा देना और नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना होगा।
उल्लेखनीय है कि अटल ज्ञान केंद्र योजना की घोषणा मुख्यमंत्री द्वारा सुशासन दिवस 25 दिसंबर 2024 के अवसर पर की गई थी, जिसे वर्ष 2025-26 के राज्य बजट में भी शामिल किया गया है। बैठक में पंचायतीराज विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित
