

-मुख्यमंत्री ने सीतामढ़ी परिसर में किया माता शबरी की प्रतिमा का अनावरण, शहडोल जिले को दी 747.91 करोड़ के 139 विकास कार्यों की सौगात

शहडोल, 08 फरवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कोल समाज की कुल देवी शबरी मैया हम सबके लिए सदैव आराध्य हैं, पूजनीय हैं, वंदनीय हैं। उन्होंने अपने चरित्र और सत्कर्मों से पूरे वनवासी तथा जनजातीय समाज का मान बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को शहडोल जिले की ब्यौहारी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम गंधिया स्थित सीतामढ़ी धाम में माता शबरी जयंती पर आयोजित जनजातीय हितग्राही सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिन्होंने नि:शब्द रहकर अपनी पुण्य भावनाओं को अमर शब्द दे दिए, ऐसी शबरी मैया को पूरे मध्य प्रदेश की ओर से नमन है, वंदन है। जिनके जूठे बेर खाकर भगवान श्रीराम भी भक्तिभाव से धन्य हो गये, उस माता शबरी की महिमा कौन नहीं जानता। भगवान को बेर भी भेंट देने से पहले खुद बेर का मीठापन जांच लेना भक्ति का उत्कर्ष है। यह प्रसंग हमें बताता है कि भगवान भक्त की आराधना पद्धति के नहीं, बल्कि उसके मन के भावों के भूखे होते हैं। व्यक्ति का मूल्य उसके हृदय की पवित्रता से तय होता है, जन्म से नहीं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीतामढ़ी परिसर में शबरी मैया की एक सुंदर प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें नमन किया। इस मौके पर उन्होंने शहडोल जिले के लिए 747 करोड़ 91 लाख रुपये की लागत वाले 139 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि पूजन किया। इसमें 613 करोड़ रुपये से अधिक लागत से 79 कार्यों का लोकार्पण तथा 134 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 60 कार्यों का भूमि पूजन शामिल है। मुख्यमंत्री ने यहां विभिन्न शासकीय योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किए।
उन्होंने कहा कि जनजातीय वर्ग का समग्र कल्याण हमारी प्राथमिकताओं में है। प्रदेश में पीएम जन-मन योजना के अंतर्गत 98 करोड़ 30 लाख रुपये और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत 401.56 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि पूजन किया जा चुका है। हमारी सरकार ने जनजातीय समाज के नायकों की गौरव गाथाओं को शैक्षिक पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया है।
1450 किमी लंबा राम वन गमन पथ तैयार कर रही सरकारमुख्यमंत्री ने कहा कि शबरी माता ने बरसों भगवान श्रीराम का इंतजार किया। कई साल तक राम का रास्ता निहारती रहीं। रोज अपनी कुटिया की सफाई करती रहीं कि आज नहीं, तो कल राम आएंगे। यह एक भक्त के अपने भगवान पर अटूट विश्वास का परिचायक है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम आए, शबरी मैया की भक्ति और स्नेह से अत्यंत भावविभोर हुए और उन्हें नवधा भक्ति का ज्ञान देकर मोक्ष भी प्रदान किया। हमारी सरकार ने शबरी मैया और हम सबके आराध्य भगवान श्रीराम की स्तुति के लिए श्रीरामचन्द्र पथ गमन न्यास की स्थापना की है। हम प्रदेश में 1450 किमी लंबे राम वन गमन पथ का निर्माण करने जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश को श्रीराम का विशेष स्नेह मिला। चित्रकूट में उन्होंने 11 वर्ष बिताए। ग्राम गंधिया में भी वे 11 रात रहे। इसीलिए गंधिया को भी राम वन गमन पथ विकास योजना में शामिल कर लिया गया है। इससे गंधिया का विकास होगा। इस गांव के विकास के लिए सरकार ने लगभग 80 लाख रुपए मंजूर किए हैं।
मुख्यमंत्री ने की अनेक घोषणाएंइस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ब्यौहारी में 30 बिस्तरीय अस्पताल का निर्माण कराने की घोषणा की। उन्होंने सीतामढ़ी धाम को धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने तथा वन्य जीव पर्यटन गतिविधियों के विकास-विस्तार के लिए क्षेत्रीय संजय डूबरी टाइगर रिजर्व का एक गेट ब्यौहारी की तरफ भी खोलने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र में महुआ और कटहल बहुतायत से होता है। इसीलिए इन दोनों से बनने वाली औषधियों एवं अन्य उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने तथा क्षेत्र में उद्योग, रोजगार एवं निर्यात को प्रोत्साहन देने के लिए मुख्यमंत्री ने यहां एक औद्योगिक विकास केंद्र खोलने की घोषणा की। उन्होंने जयसिंह नगर के लिए आवश्यक बायपास बनवाने तथा वर्तमान में जयसिंहनगर तहसील क्षेत्र की उप तहसील आमाडीह को परीक्षण कराकर तहसील बनाने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि यहां की जनता ने सरकार की विकास नीतियों पर भरोसा जताया है, इसलिए इस क्षेत्र के विकास के लिए हम कोई कसर नहीं रखेंगे।
क्षेत्रीय सीधी सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने कहा कि त्रेतायुग मे इस भूमि पर भगवान राम के पावन चरण पड़े थे। मुख्यमंत्री ने शबरी माता की मूर्ति का अनावरण और विकास की सौगातें देकर क्षेत्र को धन्य कर दिया है। सांसद ने कटनी से ब्यौहारी होते हुए सिंगरौली तक फोरलेन सड़क निर्माण, औद्योगिक केन्द्र की स्थापना, सहित विभिन्न मांगे रखी। विधायक मनीषा सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को क्षेत्र की विकास की विभिन्न सौगातों के लिए धन्यवाद दिया। विधायक शरद जुगलाल कोल ने कहा कि 70 साल की प्रतीक्षा के बाद यहां मुख्यमंत्री पधारे हैं। मुख्यमंत्री ने शहडोल क्षेत्र को सिंचाई सुविधाओं सहित कई सौगातें दी हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर
