नारायणपुर, 17 मार्च (हि.स.)। जिले के अबूझमाड़ के दुर्गम और वर्षों तक नक्सलियों के सुरक्षित ठिकाने माने जाने वाले दिवालूर में सुरक्षाबलों एवं नारायणपुर पुलिस ने आज मंगलवार काे इस बीहड़ पहाड़ी इलाके में नवीन सुरक्षा एवं जन सुविधा कैंप स्थापित किया है। उल्लेखनीय है कि दिवालूर वही इलाका है, जहां सुरक्षाबलों ने कुख्यात माओवादी नेता बसवा राजू सहित कई बड़े नक्सलियों को ढेर किया था। अब इसी क्षेत्र में स्थायी कैंप की स्थापना को नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी रणनीतिक सफलता माना जा रहा है।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में संचालित ‘माड़ बचाओ अभियान’ के तहत थाना ओरछा क्षेत्र के ग्राम दिवालूर में यह कैंप स्थापित किया गया। इसका उद्देश्य नक्सल विरोधी अभियानों को मजबूती देने के साथ-साथ कांदुलनार-ओरछा-एडजुम-इडवाया-आदेर-कुडमेल-बोटेर-दिवालूर-कुमनार मार्ग पर सड़क निर्माण और विकास कार्यों को सुरक्षा प्रदान करना है। जिला मुख्यालय से करीब 96 किलोमीटर दूर एवं ओरछा थाना से 36 किलोमीटर दूर में स्थित यह कैंप अब आस-पास के गांवों के लिए सुरक्षा का नया केंद्र बन गया है। ग्रामीणों में उत्साह का माहौल है और लंबे समय से भय के साए में जी रहे लोगों को अब राहत की उम्मीद जगी है। दिवालूर में कैंप स्थापना के साथ ही अबूझमाड़ में नक्सलवाद के खिलाफ अंतिम चरण की लड़ाई और तेज हो गई है, जहां सुरक्षा के साथ-साथ विकास की रफ्तार भी अब जमीन पर दिखने लगेगी।
दिवालूर में कैंप खुलने से रेकापारा, कुमनार, गुंडेकोट, लेकवाड़ा, नेडअट्टे समेत आसपास के इलाकों में सड़क, पुल-पुलिया, शिक्षा, स्वास्थ्य और मोबाइल नेटवर्क जैसी मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार संभव होगा। अब सुरक्षा के साये में विकास कार्यों को गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा। इस कदम से दशकों से अलग-थलग पड़े अबूझमाड़ क्षेत्र को मुख्यधारा से जोड़ने का रास्ता भी साफ हो गया है। कुमनार से सोनपुर होते हुए भैरमगढ़ (जिला बीजापुर) तक सीधी सड़क कनेक्टिविटी विकसित होने से आम नागरिकों को आवागमन में बड़ी सुविधा हाेगी। नारायणपुर पुलिस द्वारा पिछले वर्षों में भी लगातार अंदरूनी क्षेत्रों में कैंप स्थापित कर नक्सल नेटवर्क को कमजोर किया गया है। वर्ष 2025 में कुतुल सहित दर्जनों इलाकों में कैंप खोलने के बाद वर्ष 2026 में जटवर, वाड़ापेंदा, कुरसकोड़ो, हच्चेकोटी, आदनार, बोटेर और अब दिवालूर में कैंप स्थापित कर सुरक्षा तंत्र को और मजबूत किया गया है।
इस पूरी कार्रवाई में नारायणपुर पुलिस, डीआरजी, बस्तर फाइटर्स तथा आईटीबीपी की विभिन्न वाहिनियों-38वीं, 44वीं, 41वीं, 45वीं, 53वीं और 29वीं की संयुक्त भूमिका रही। पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज पी. सुंदरराज, पुलिस अधीक्षक रोबिनसन गुरिया सहित वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में यह अभियान सफलता पूर्वक संचालित किया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे
