कोलकाता, 04 फ़रवरी (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी के नेता अमित मालवीय ने बुधवार तड़के सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक तीखा पोस्ट साझा करते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए हैं। अपने पोस्ट में मालवीय ने दावा किया है कि मुख्यमंत्री की मौजूदा बेचैनी और राजनीतिक गतिविधियों के पीछे गहरी हताशा छिपी हुई है।

अमित मालवीय ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के लगातार चुनावी जनादेश अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या मतदाताओं के समर्थन पर टिके रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रशासनिक अधिकारियों— डीएम, एसडीओ और बीएलओ—की मदद से मतदाता सूचियों में फर्जी और अयोग्य नाम जोड़े गए, जिससे एक “संरक्षित वोट इकोसिस्टम” तैयार किया गया।
पोस्ट के अनुसार, वर्तमान में चल रही एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया इस कथित वोट संरचना को तोड़ने का खतरा पैदा कर रही है। मालवीय ने कहा कि यही कारण है कि ममता बनर्जी पिछले दो दिनों से दिल्ली में डेरा डालकर राजनीतिक नाटक और “निर्मित आक्रोश” के जरिए विरोध प्रदर्शन कर रही हैं।
अमित मालवीय ने सवाल उठाया कि जब देश के अन्य 11 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश—जिनमें विपक्ष शासित तमिलनाडु भी शामिल है—इस प्रक्रिया को लेकर विरोध नहीं कर रहे हैं, तो केवल तृणमूल कांग्रेस ही क्यों इसका विरोध कर रही है। उनके अनुसार, इसका उत्तर स्वयं स्पष्ट है।
पोस्ट में मुख्यमंत्री पर संवैधानिक संस्थाओं और संघीय ढांचे के प्रति सम्मान न रखने का आरोप भी लगाया गया है। मालवीय ने कहा कि ममता बनर्जी के शासनकाल में नियम-कानूनों को असुविधा और संवैधानिक व्यवस्था को बाधा के रूप में देखा गया, जिसके चलते केंद्र सरकार के साथ ही अन्य हितधारकों से भी लगातार टकराव की स्थिति बनी रही।
अमित मालवीय ने दावा किया कि इस टकरावपूर्ण राजनीति का नतीजा प्रशासनिक ठहराव के रूप में सामने आया है, जिसकी कीमत राज्य की जनता को चुकानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि विकास और स्थिरता के बजाय बंगाल में राजनीतिक नाटकीयता हावी है।
—————
हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय
