मुरादाबाद, 04 फरवरी (हि.स.)। अमेरिका की ओर से भारतीय निर्यात पर 25 प्रतिशत की टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत करने की घोषणा से कड़ाके की ठंड के बीच मुरादाबाद के निर्यातकों में खुशी की गर्माहट लेकर आई है। स्थानीय निर्यातकों का कहना है पिछले दिनों अमेरिका ने भारत के उत्पादों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया था। इसकी वजह से बड़े आर्डर नहीं मिल रहे थे। लेकिन अब टैरिफ घटाने की घोषणा से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद के चेयरमैन डा. नीरज विनोद खन्ना ने बताया कि पीतलनगरी से 70 प्रतिशत हस्तशिल्प उत्पाद का निर्यात अमेरिका होता था। बीते साल 40 प्रतिशत तक निर्यात घट गया था। टैरिफ कम होने से निर्यातकों को अमेरिका से फिर से आर्डर मिलने की उम्मीद जगी है।

मुरादाबाद हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्ट एसोसिएशन के महासचिव अवधेश अग्रवाल ने कहा कि टैरिफ घटने से अमेरिकी बाजार में भारतीय हैंडीक्राफ्ट की मांग बढ़ेगी। निर्यात लागत कम होने से एमएसएमई और छोटे कारीगरों को सीधा लाभ होगा। निर्यातकों को स्थानीय रोजगार में वृद्धि होगी। यह निर्णय मुरादाबाद के पीतल, एल्युमिनियम, आयरन और अन्य हैंडीक्राफ्ट सेक्टर के लिए सकारात्मक संकेत है। पिछले वर्ष बढ़े हुए टैरिफ के कारण हमारे निर्यातकों पर भारी दबाव था। 18 प्रतिशत टैरिफ होने से अमेरिकी बाजार में आर्डर की वृद्धि होगी। इससे निर्यातकों को लाभ होगा।
जेएमडी विवेक इंटरनेशनल के विवेक अग्रवाल ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पीएम मोदी के बीच हुई फोन वार्ता में 25 प्रतिशत से टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत की खबर चल रही है। इस निर्णय से अमेरिका से अब हस्तशिल्प उत्पादों के आर्डर मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। साइकालॉजी तरीके से देखा जाए तो फेयर से पहले यह खुशखबरी मिलना बहुत अच्छी बात है।
हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल
