उरई, 30 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के उरई में जालौन जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में बिना मान्यता उच्च कक्षाएं संचालित करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही के संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।

शिक्षा की गुणवत्ता और नियमानुसार संचालन को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी स्थिति में नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनपद में कई ऐसे विद्यालय संचालित हैं, जिन्हें केवल कक्षा आठ तक की मान्यता प्राप्त है, लेकिन वे नियमों को दरकिनार करते हुए कक्षा 9 एवं 10 की कक्षाएं अटैचमेंट के माध्यम से चला रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था पूर्णत अवैध है और ऐसे संस्थानों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों में प्रयोगशालाएं (लैब), प्रशिक्षित शिक्षक एवं आवश्यक शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध नहीं हैं, वे उच्च कक्षाओं के संचालन के पात्र नहीं हैं। ऐसे विद्यालयों की चिन्हित कर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक राजकुमार पंडित को निर्देशित किया कि तहसील स्तर पर छह जांच टीमों का गठन किया जाए। इन टीमों में राजकीय इंटर कॉलेजों के प्रधानाचार्यों को शामिल करते हुए उनके माध्यम से जनपद के समस्त विद्यालयों का सघन एवं औचक निरीक्षण कराया जाए।उन्होंने निर्देश दिए कि केवल कक्षा आठ तक मान्यता प्राप्त विद्यालयों का प्राथमिकता के आधार पर सत्यापन किया जाए। यदि कोई विद्यालय निर्धारित मानकों के विपरीत उच्च कक्षाएं संचालित करता पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाए।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देशित किया कि जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा सभी विद्यालयों को लिखित रूप से निर्देश जारी किए जाएं कि वे केवल अपनी मान्यता के अनुरूप ही कक्षाएं संचालित करें। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों की अनदेखी पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / विशाल कुमार वर्मा
