बारपेटा, 06 अप्रैल (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को असम के बारपेटा में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य की जनता इस बार दो बड़े फैसले कर चुकी है—पहला, भाजपा-राजग सरकार की हैट्रिक और दूसरा, कांग्रेस के “शाही परिवार” के नेता की हार का नया रिकॉर्ड बनाना।

प्रधानमंत्री ने कहा कि असम की जनता का उत्साह, ऊर्जा और आशीर्वाद अभूतपूर्व है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस बार राज्य में एक “ऊर्जावान” भाजपा-नीत राजग सरकार बनेगी। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी के पास विकास के लिए दीर्घकालिक दृष्टि का अभाव रहा है और वह केवल अल्पकालिक लाभ व भ्रष्टाचार पर केंद्रित रही।
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर आदिवासी समाज के साथ “सबसे बड़ा अन्याय” करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लंबे शासनकाल में आदिवासी क्षेत्रों में गरीबी, हिंसा और असुरक्षा की समस्याएं सबसे अधिक रहीं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस घुसपैठियों का खुलकर समर्थन कर रही है और अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई का विरोध करती है। मोदी ने कहा कि कांग्रेस ऐसे कानून की बात कर रही है जिसमें “घुसपैठिया” शब्द बोलना भी अपराध बन सकता है और घुसपैठियों को पीड़ित घोषित किया जा सकता है, जिससे असम के मूल निवासियों और जनजातीय समुदायों पर कानूनी खतरा मंडराएगा।
मोदी ने कहा कि भाजपा सरकार “विकसित असम” के लक्ष्य के साथ “विकसित भारत” की दिशा में काम कर रही है। पिछले दस वर्षों में असम को भय और अस्थिरता से बाहर निकालने, शांति स्थापित करने और उसकी पहचान को संरक्षित करने का काम किया गया है। आने वाला दशक असम को आत्मनिर्भर बनाने और उसकी पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने का होगा।
प्रधानमंत्री ने किसानों के मुद्दे पर भी कांग्रेस की आलोचना की। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले के दस वर्षों में धान किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के तहत लगभग 4 लाख करोड़ रुपये मिले, जबकि 2014 के बाद यह राशि बढ़कर 16 लाख करोड़ रुपये हो गई।
उन्होंने बताया कि 2013 में धान का एमएसपी 1300 रुपये प्रति क्विंटल था, जो अब बढ़कर लगभग 2370 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है।
भाजपा के स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री ने देश-विदेश में जुड़े सभी कार्यकर्ताओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि “राष्ट्र प्रथम” के मंत्र के साथ पार्टी मां भारती की सेवा में समर्पित है और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को आगे बढ़ा रही है।
मोदी ने महिला आरक्षण विधेयक का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार इस दिशा में सभी दलों के सहयोग से आगे बढ़ रही है और महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार ने 16 अप्रैल से शुरू होने वाला संसद का एक विशेष सत्र बुलाया है। हमने देश की सभी राजनीतिक पार्टियों के साथ इस पर चर्चा की है। हमने सभी से आग्रह किया है कि वे देश की बहनों और बेटियों के अधिकारों से जुड़े इस काम को सर्वसम्मति से आगे बढ़ाएं। कुछ लोग इस नेक काम को लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। देश के सभी राज्यों को इससे फ़ायदा होगा। किसी भी राज्य को इससे कोई नुकसान नहीं होगा। चाहे वह पूर्वोत्तर हो या दक्षिण भारत, जहां जनसंख्या नियंत्रण का चलन है, उनका प्रतिनिधित्व बिल्कुल भी कम नहीं होगा। हम महिलाओं के लिए अतिरिक्त सीटें देने की व्यवस्था कर रहे हैं। सीटों की मौजूदा संख्या को और बढ़ाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अप्रैल का महीना असम में बोहाग बिहू का उत्सव लेकर आता है और इस बार यह लोकतंत्र के पर्व के साथ जुड़ रहा है, क्योंकि मतदान नजदीक है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस कभी जनता के बीच अपना रिपोर्ट कार्ड लेकर नहीं जाती, जबकि भाजपा सरकार पारदर्शिता के साथ अपने कामों का हिसाब देती है। प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर सशस्त्र बलों का अपमान करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एयर स्ट्राइक और सर्जिकल स्ट्राइक के बाद कांग्रेस ने सवाल उठाए। उन्होंने वन रैंक वन पेंशन का उल्लेख करते हुए कहा कि यह कांग्रेस द्वारा सैनिकों के विश्वास के साथ “विश्वासघात” का उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि इस बार जनता का वोट “विकसित असम” की नींव को और मजबूत करेगा और राज्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा को दिया गया हर वोट असम की पहचान और सुरक्षा को मजबूत करेगा। उन्होंने दावा किया कि वर्षों के प्रयास और बलिदान के बाद असम में शांति लौटी है और इसे बनाए रखने के लिए कांग्रेस को सत्ता से दूर रखना जरूरी है।
—————
हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार
