
खड़गपुर, 05 मार्च (हि. स.)। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर ने हाल ही में संस्थान में उच्च शैक्षणिक पदों पर पदोन्नत हुए संकाय सदस्यों के साथ निदेशक–संकाय संवाद सत्र का आयोजन किया। इस पहल का उद्देश्य नव पदोन्नत संकाय सदस्यों को संस्थान की विकसित होती शैक्षणिक और शोध नेतृत्व की भूमिकाओं में आसानी से जोड़ना तथा संस्थान के शैक्षणिक वातावरण को और मजबूत बनाना है।
यह संवाद सत्र संस्थान प्रशासन के उन लगातार प्रयासों का हिस्सा है जिनका उद्देश्य संकाय की क्षमता को मजबूत करना और लंबे समय से चली आ रही ठहराव की स्थिति को समाप्त करना है। पिछले कुछ महीनों में संस्थान ने कड़ी चयन प्रक्रियाओं के अंतर्गत कई चयन समिति बैठकों का सफलतापूर्वक आयोजन किया।
इन बैठकों के माध्यम से बड़ी संख्या में नए संकाय सदस्यों की नियुक्ति की गई और साथ ही कई वर्तमान संकाय सदस्यों को सह-प्राध्यापक और प्राध्यापक के पदों पर पदोन्नत किया गया।
कम समय में इतनी बड़ी संख्या में चयन बैठकों का आयोजन करना एक कठिन कार्य था। इनमें से कई बैठकें लंबे समय तक चलीं। इसके बावजूद भर्ती कार्यालय और संकाय अधिष्ठाता कार्यालय के सक्रिय सहयोग से पूरी प्रक्रिया उच्च गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखते हुए सफलतापूर्वक पूरी की गई।
इस कार्यक्रम में उन संकाय सदस्यों ने भाग लिया जिन्हें सहायक प्राध्यापक से सह-प्राध्यापक तथा सह-प्राध्यापक से प्राध्यापक के पदों पर पदोन्नत किया गया है। यह पदोन्नति संस्थान की शिक्षा, शोध और संस्थागत सेवाओं में उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता के अनुसार कड़ी चयन प्रक्रिया के बाद दी गई है।
सत्र के दौरान सुमन चक्रवर्ती, निदेशक, आईआईटी खड़गपुर, सोमेश कुमार, संकाय अधिष्ठाता तथा अन्य शैक्षणिक अधिष्ठाता और सहायक अधिष्ठाताओं ने प्रतिभागियों के साथ संस्थान की रणनीतिक प्राथमिकताओं, उभरते शोध क्षेत्रों और विभिन्न विषयों के बीच सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की।
चर्चा के दौरान उच्च शैक्षणिक पदों से जुड़ी अतिरिक्त जिम्मेदारियों पर भी विशेष जोर दिया गया। इनमें शोध समूहों का नेतृत्व करना, शोधार्थियों का मार्गदर्शन करना, संस्थान की नीतियों के निर्माण में योगदान देना तथा संस्थान के नवाचार और अनुसंधान वातावरण को मजबूत बनाना शामिल है।
इस अवसर पर निदेशक ने कहा कि यह पदोन्नति केवल व्यक्तिगत उपलब्धि का सम्मान नहीं है, बल्कि यह संस्थान के शैक्षणिक और पेशेवर मानकों को सामूहिक रूप से और ऊंचा उठाने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि आईआईटी खड़गपुर में उच्च पद के साथ अधिक जिम्मेदारियां भी जुड़ी होती हैं, जिनमें छात्रों और सहकर्मियों का नेतृत्व करना और संस्थान के लिए नए अवसर पैदा करना शामिल है।
निदेशक ने बताया कि भविष्य में संस्थान नव पदोन्नत और नव नियुक्त संकाय सदस्यों के साथ ऐसे संवाद सत्र नियमित रूप से आयोजित करता रहेगा, ताकि संस्थान में सहयोग, भागीदारी और साझा दृष्टिकोण की संस्कृति को और मजबूत किया जा सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता
