खड़गपुर, 02 फरवरी (हि. स.)। नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), खड़गपुर की छमाही बैठक सोमवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) खड़गपुर के मैत्रेयी प्रक्षागृह में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुई। बैठक में नगर के विभिन्न केंद्रीय कार्यालयों एवं संस्थानों के प्रमुखों के साथ राजभाषा अधिकारियों/प्रभारियों ने सहभागिता की।

बैठक के मुख्य अतिथि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, कोलकाता के सहायक महाप्रबंधक (राजभाषा) अरविंद कुमार तिवारी तथा प्रबंधक (राजभाषा) आनंद शंकर तिवारी रहे। उन्होंने संसदीय राजभाषा समिति के निरीक्षण के दौरान ध्यान देने योग्य प्रमुख बिंदुओं पर प्रकाश डालते हुए राजभाषा हिंदी के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए व्यावहारिक सुझाव प्रस्तुत किए।
आईआईटी खड़गपुर के निदेशक एवं नराकास खड़गपुर के अध्यक्ष प्रो. सुमन चक्रवर्ती ने अध्यक्षीय वक्तव्य में कहा कि राजभाषा हिंदी केवल संवैधानिक दायित्व नहीं, बल्कि प्रशासन को जनोन्मुखी, पारदर्शी और प्रभावी बनाने का सशक्त माध्यम है।
उन्होंने डिजिटल इंडिया के परिप्रेक्ष्य में ई-ऑफिस, डिजिटल गवर्नेंस और ऑनलाइन सेवाओं में हिंदी एवं अन्य भारतीय भाषाओं के अधिकतम उपयोग पर बल दिया। साथ ही, उन्होंने बताया कि आईआईटी खड़गपुर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और राजभाषा के समन्वय पर विशेष कार्य करेगा।
बैठक के दौरान सदस्य संस्थानों के प्रमुखों एवं राजभाषा अधिकारियों/प्रभारियों ने अपने-अपने कार्यालयों में राजभाषा कार्यान्वयन की स्थिति पर पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुतियां दीं। इस अवसर पर सदस्य कार्यालय इंडियन बैंक की छमाही पत्रिका ‘इंड वीरधरा’ का विमोचन भी किया गया।
समापन सत्र में आईआईटी खड़गपुर के राजभाषा विभागाध्यक्ष प्रो. अशोक मिश्र ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। वरिष्ठ हिंदी अधिकारी डॉ. राजीव कुमार रावत ने छमाही रिपोर्ट भरते समय ध्यान रखने योग्य बिंदुओं की जानकारी दी। कार्यक्रम का कुशल संचालन वरिष्ठ हिंदी अनुवादक सुकन्या शर्मा ने किया।
छमाही बैठक को राजभाषा हिंदी के सुदृढ़ कार्यान्वयन के साथ-साथ केंद्रीय संस्थानों के बीच समन्वय एवं सहयोग को नई दिशा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता
