तेहरान/तेल अवीव, 28 मार्च (हि.स.)। इजराइल के शनिवार सुबह ईरान के नागरिक और परमाणु ठिकानों पर हमले पर ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरान ने कहा कि इजराइल आग से खेल रहा है। उसे इसकी बहुत बड़ी कीमत चुकानी होगी। इसके बाद ईरान ने इजराइल के आसमान पर मिसाइलों की बौछार कर दी। इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।

अल जजीरा और द टाइम्स ऑफ इजराइल की रिपोर्ट के अनुसार, मध्य इजराइल पर ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। देश के मध्य भाग में छह अलग-अलग जगहों पर इनके टुकड़े गिरे। इससे इमारतों को नुकसान पहुंचा। अधिकारियों का कहना है कि दक्षिण में मिसाइल को रोकने की प्रक्रिया के दौरान गिरे मलबे से दो अन्य लोग मामूली रूप से घायल हुए हैं। इससे पहले ईरान ने शुक्रवार को इजराइल पर छह बार हमला किया। एक हमले में क्लस्टर बम वॉरहेड से लैस मिसाइल दागी गई। इससे एक बड़े इलाके में छोटे-छोटे बम गिरे और आग लग गई।
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका-इजराइल ने ईरान के कई महत्वपूर्ण परमाणु ठिकानों पर जोरदार हमले किए गए हैं। इन हमलों ने मध्य पूर्व में तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है। ईरान के सरकारी समाचार एजेंसी इरना के अनुसार, यज्द प्रांत के अरदकान में स्थित येलोकेक संयंत्र और अराक में स्थित शाहिद खोंदाब हैवी वॉटर कॉम्प्लेक्स पर हमले हुए हैं। ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने कहा है कि इन हमलों से कोई रेडियोधर्मी प्रदूषण नहीं फैला है और न ही कोई हताहत हुआ है। हालांकि, इज़राइली मीडिया ने इन हमलों को ईरान के परमाणु कार्यक्रम के लिए बड़ा झटका बताया है। इन हमलों के जवाब में ईरान ने इजराइल के तेल अवीव और डिमोना जैसे क्षेत्रों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं।
इस बीच ईरान के सशस्त्र बलों ने अमेरिका के छह सामरिक जहाजों को निशाना बनाया है। दावा किया गया है कि इस हमले में बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं। ईरान ने इस हमले में बैलिस्टिक मिसाइलों और कद्र 380 क्रूज मिसाइलों का उपयोग किया। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) के जनसंपर्क कार्यालय ने शुक्रवार देररात जारी बयान में यह जानकारी दी।
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से संबद्ध अर्ध सरकारी न्यूज एजेंसी तसनीम की रिपोर्ट के अनुसार, ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 के तहत ईरानी बलों का 84वां हमला है। आईआरजीसी की नौसेना ने अल-शुवैख बंदरगाह और दुबई के समुद्र तटों और बंदरगाह पर अमेरिकी-इजराइली सेना के खिलाफ सटीक हमले किए। हमले में अमेरिकी सैनिक मारे गए। उनके सामरिक उपकरण नष्ट हो गए।
आईआरजीसी के बयान के अनुसार, इस हमले को बैलिस्टिक मिसाइलों और कद्र 380 क्रूज मिसाइलों का उपयोग किया गया। अल-शुवैख बंदरगाह पर अमेरिका के छह लैंडिंग क्राफ्ट यूटिलिटी (एलसीयू) जहाजों को निशाना बनाया गया। इन लड़ाकू जहाजों में से तीन हमले के बाद डूब गए और बाकी जल रहे हैं। इसके साथ ही, समुद्र तट और दुबई के एक होटल में मौजूद अमेरिकी ड्रोन यूनिट के सैनिकों को ड्रोन से निशाना बनाया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकुंद
