ग्रीष्म ऋतु के दौरान प्रदेश भर में औसत मासिक न्यूनतम तापमान भी सामान्य से अधिक रहने की सम्भावना है

लखनऊ, 01 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में चल रहे माैसम के उतार चढ़ाव के बीच 03 अप्रैल से आँधी-तूफान ओलावृष्टि के साथ बेमौसम वर्षा का एक और दौर शुरु हाेने वाला है। इतना ही नहीं निवर्तमान पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव समाप्त होने से मौसम साफ़ रहने के कारण 02 दिनों के दौरान तापमान में 2°C तक की मामूली बढ़ोत्तरी के उपरांत पूर्वी ईरान के आसपास संकेन्द्रित आगामी पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 03 अप्रैल से प्रदेश में आँधी-तूफान के साथ सम्भावित वर्षा एवं ओलावृष्टि के अगले दौर के कारण इसमें 2-4°C की गिरावट आने की संभावना है|
भारत मौसम विज्ञान विभाग लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि माैसम में यह बदलाव आने वाले दिनाें में जारी रहने वाला है। उन्हाेंने बताया कि मार्च माह के दौरान प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभों की सक्रियता के कारण महीने के दूसरे पखवाड़े के दौरान हुई वर्षा के कारण जहां कुल प्रादेशिक वर्षा सामान्य रही, वहीं प्रथम पखवाड़े के दौरान तापमान सामान्य से बहुत अधिक रहने के कारण प्रादेशिक औसत अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान सामान्य से 1-3°C अधिक रहा है। बारिश और गरज चमक के साथ अभी भी हाे रहा है लेकिन तीन अप्रैल से इसमें तेजी आएगी।
वरिष्ठ वैज्ञानिक ने बताया कि वर्तमान में भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में उभरी तटस्थ निनो परिस्थितियों के आगामी ग्रीष्म ऋतु के दौरान जारी रहने तथा इसके तटस्थ हिन्द महासागरीय द्विध्रुव परिस्थितियों के संयुक्त प्रभावान्तर्गत अप्रैल माह के दौरान पूर्वांचल के अतिरिक्त प्रदेश के अन्य भागों में सामान्य से अधिक वर्षा के दृष्टिगत औसत मासिक अधिकतम तापमान सामान्य से आंशिक रूप से कम जबकि पूर्वांचल में सामान्य से आंशिक रूप से अधिक रहने जबकि ग्रीष्म ऋतु (अप्रैल से जून) के दौरान प्रदेश के दक्षिणी-पश्चिमी भाग को छोड़कर अन्य भागों में औसत अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने से पूर्वी उत्तर प्रदेश एवं प्रदेश के उत्तरी तराई क्षेत्रों में औसत उष्ण लहर के दिनों की संख्या सामान्य से अधिक रहने की संभावना है| माैसम विभाग का पूर्वानुमान है कि आगामी ग्रीष्म ऋतु के दौरान प्रदेश भर में औसत मासिक न्यूनतम तापमान भी सामान्य से अधिक रहने की सम्भावना है|
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हिन्दुस्थान समाचार / शिव सिंह
