जम्मू, 16 अप्रैल (हि.स.)। एनआईटी श्रीनगर में नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज, इंडिया (एनएएसआई) चंडीगढ़ एक्सटेंडेड रीजन चैप्टर, भौतिकी विभाग एनआईटी श्रीनगर और सोसाइटी फॉर प्रमोशन ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी इन इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में एक विशेष व्याख्यान श्रृंखला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में घाटी के विभिन्न संस्थानों से लगभग 140 छात्रों, शोधार्थियों और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में वैज्ञानिक जिज्ञासा को प्रोत्साहित करना और उन्हें शोध आधारित करियर की ओर प्रेरित करना था।

कार्यक्रम की शुरुआत भौतिकी विभागाध्यक्ष प्रो. प्रिंस अहमद गनई के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने कहा कि ऐसे अकादमिक कार्यक्रम छात्रों को मूलभूत ज्ञान और उन्नत शोध के बीच की दूरी को कम करने में सहायक होते हैं। पहला व्याख्यान प्रो. रविंदर कुमार कोहली ने “शोध को करियर के रूप में क्यों और कैसे अपनाएं” विषय पर दिया। उन्होंने भारत में शोध की अपार संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए छात्रों को अपनी जिज्ञासा को राष्ट्रीय और वैश्विक जरूरतों के साथ जोड़ने की सलाह दी।
दूसरा व्याख्यान प्रो. के.के. भसीन ने “रसायन विज्ञान के रोचक पहलू” विषय पर प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि रसायन विज्ञान हमारे दैनिक जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और जलवायु परिवर्तन, स्वास्थ्य सेवाओं तथा सतत विकास जैसी वैश्विक चुनौतियों के समाधान में केंद्रीय भूमिका निभा सकता है। कार्यक्रम में निदेशक प्रो. बिनोद कुमार कनौजिया ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे संवाद छात्रों में नवाचार और वैज्ञानिक सोच को विकसित करते हैं। वहीं रजिस्ट्रार प्रो. अतिकुर रहमान ने इसे छात्रों के लिए प्रेरणादायक मंच बताया।
इस अवसर पर कश्मीर विश्वविद्यालय के प्रो. जफर अहमद रेशी और एनआईटी श्रीनगर के रसायन विभाग के प्रो. काउसर मजीद भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. विजय कुमार ने “हाइड्रोजेल के माध्यम से सतत विकास” विषय पर व्याख्यान देते हुए शोध आधारित सोच को बढ़ावा देने पर जोर दिया। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया और आयोजकों ने सभी वक्ताओं का आभार व्यक्त किया। यह व्याख्यान श्रृंखला छात्रों के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक साबित हुई।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा
