वाराणसी, 28 फरवरी(हि. स.)। वाराणसी में एपेक्स हॉस्पिटल में हाई-डोज थैरेपी आयोडीन और ल्यूटेशियम टार्गेटेड थैरेपी का उद्घाटन हुआ। इसके उद्घाटन के बाद पूर्वाञ्चल में थायोरॉइड एवं प्रोस्टेट कैंसर के किफायती उन्नत उपचार को नई दिशा मिलेगी। प्रदेश के कैंसर उपचार के लिए यह एक ऐतिहासिक कदम है।

उद्घाटन समारोह के अवसर पर मुख्य अतिथि आईएम बीएचयू के प्रोफेसर एवं पूर्व विभागाध्यक्ष इन्टरनल मेडिसन पद्मश्री डॉ. एस.एस. अग्रवाल एवं एपेक्स के चेयरमैन प्रो. डॉ. एस.के. सिंह ने बताया कि अब वाराणसी के एपेक्स हॉस्पिटल में इसकी शुरुआत से थायोरॉइड एवं प्रोस्टेट कैंसर के उन्नत उपचार में पूर्वाञ्चल क्षेत्र में किफायती अत्याधुनिक न्यूक्लियर मेडिसिन थैरेपी को नई पहचान मिलेगी।

एपेक्स हॉस्पिटल की निदेशिका और कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. अंकिता पटेल ने बताया कि यह उपचार टार्गेटेड तकनीक पर आधारित है, जहाँ उपचार का प्रभाव मुख्य रूप से कैंसर-ग्रस्त कोशिकाओं या बीमारी वाले हिस्से पर केंद्रित रहता है। इस स्तर की उन्नत सुविधा देश में केवल बहुत ही गिने-चुने केन्द्रों पर उपलब्ध है।
एपेक्स के न्यूक्लियर मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. अजय सिंह सूरज एवं विशिष्ट अतिथि एसजीपीजीआई, लखनऊ के न्यूक्लीयर मेडिसन विभागाध्यक्ष प्रो. पी.के. प्रधान ने बताया कि आयोडीन -131 थेरेपी, थायोरॉइड कैंसर, बार-बार होने वाले या फैले हुए थायोरॉइड रोग, हाइपरथायोरॉयडिज़म (थायोरॉइड का ज्यादा काम करना) के उपचार में बीमार कोशिकाओं को खत्म करती है। ल्यूटेशियम – 177 प्रोस्टेट थेरेपी द्वारा मेटास्टेसिस प्रोस्टेट कैंसर जो शरीर में फैल चुका हो और पारम्परिक दवाओं से कंट्रोल न हो, प्रोस्टेट कैंसर कोशिकाओं के खास रेसेप्टर से चिपक कर अंदर से कैंसर को नष्ट करती है।
इस अवसर पर कैंसर रोग विशेषज्ञों सहित आईएमएस बीएचयू के रेडियो डायगनोस्टिक विभाग के प्रोफेसर डॉ. आशीष मिश्रा, एंडोक्राइनॉलॉजी विभाग के प्रो. एन.के. अग्रवाल उपस्थित रहे। समारोह के अंत में विशषज्ञों द्वारा हाई-डोज रेडियोएक्टिव थैरेपी पर एक शैक्षिक वैज्ञानिक सत्र का भी आयोजन किया गया।
—————
हिन्दुस्थान समाचार / शरद
