पटियाला, 09 फ़रवरी (हि.स.)। भारतीय महिला मुक्केबाज एशियन गेम्स 2026 में पदक जीतने के लक्ष्य के साथ नेताजी सुभाष राष्ट्रीय खेल संस्थान (एनएसएनआईएस), पटियाला में कड़ा प्रशिक्षण कर रही हैं। ये खिलाड़ी मार्च 28 से 11 अप्रैल तक मंगोलिया के उलानबाटर में होने वाली एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप की तैयारियों के तहत आयोजित राष्ट्रीय शिविर का हिस्सा हैं।

ग्रेटर नोएडा में नवंबर 2025 में आयोजित वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फ़ाइनल्स में शानदार प्रदर्शन के बाद भारतीय मुक्केबाज़ों का आत्मविश्वास चरम पर है। इस प्रतियोगिता में भारतीय महिला टीम ने 10 में से 7 स्वर्ण पदक जीतकर दबदबा बनाया था।

51 किग्रा वर्ग में निकहत ज़रीन और 57 किग्रा में जैसमिन लैंबोरिया के नेतृत्व में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने वाली अन्य मुक्केबाज़ों में मीनाक्षी हुड्डा (48 किग्रा), प्रीति पवार (54 किग्रा), परवीन हुड्डा (60 किग्रा), अरुंधति चौधरी (70 किग्रा) और नूपुर शेरोन (80+ किग्रा) शामिल रहीं।
फिलहाल ये सभी मुक्केबाज़ भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के वार्षिक प्रशिक्षण एवं प्रतियोगिता कैलेंडर के तहत, बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीएफआई) के सहयोग से एनएसएनआईएस पटियाला में आयोजित राष्ट्रीय शिविर में अभ्यास कर रही हैं।
छह महीने की चोट के बाद शानदार वापसी करते हुए निकहत ज़रीन ने 2025 वर्ल्ड चैंपियनशिप (लिवरपूल) में क्वार्टरफाइनल तक का सफर तय किया था। हालांकि पेरिस ओलंपिक 2024 में निराशा झेलने के बाद वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फ़ाइनल्स का स्वर्ण पदक उनके लिए बड़ा मनोबल बढ़ाने वाला साबित हुआ।
निकहत ने कहा, “नवंबर में स्वर्ण पदक के साथ 2025 का अंत करना मेरे लिए बेहद खास था। इसके बाद सीनियर नेशनल्स में अच्छा प्रदर्शन कर राष्ट्रीय चैंपियन बनना नए साल की शानदार शुरुआत रही। 2026 बहुत अहम साल है और उम्मीद है कि मैं सभी बड़े टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक जीतकर देश को गौरवान्वित कर सकूं।”
पुरुष मुक्केबाज़ों के साथ स्पैरिंग और तकनीक में किए गए बदलावों का निकहत को फायदा मिला है। वह जुलाई-अगस्त में ग्लासगो में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स और सितंबर-अक्टूबर में जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियन गेम्स को ध्यान में रखते हुए अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे रही हैं। निकहत टार्गेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टॉप्स) के तहत समर्थित खिलाड़ी हैं।
60 किग्रा वर्ग की मुक्केबाज़ परवीन हुड्डा ने कहा कि वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फ़ाइनल्स उनके लिए लंबे समय बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वापसी का टूर्नामेंट था। उन्होंने सेमीफाइनल में पोलैंड की वर्ल्ड चैंपियनशिप रजत पदक विजेता अनेता रिगेल्स्का और फाइनल में जापान की ओलंपियन अयाका तागुची को हराकर स्वर्ण पदक जीता।
परवीन ने महिला मुक्केबाज़ी टीम के नए मुख्य कोच सैंटियागो निवा की सराहना करते हुए कहा कि उनकी पीरियडाइज़ेशन योजना, फिटनेस और तकनीक पर जोर से खिलाड़ियों का प्रदर्शन बेहतर हुआ है। उन्होंने कहा, “अब हमारा लक्ष्य एशियन चैंपियनशिप, कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स के दौरान सर्वोच्च प्रदर्शन करना है।”
48 किग्रा वर्ग की वर्ल्ड चैंपियन मीनाक्षी हुड्डा भी आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीतने के लिए अपने फुटवर्क और लेग स्ट्रेंथ पर खास ध्यान दे रही हैं। उन्होंने वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फ़ाइनल्स में उज्बेकिस्तान की फोज़िलोवा फरज़ोना को हराकर भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक जीता था।
मीनाक्षी ने कहा, “मेरा खेल प्रतिद्वंद्वी को मूवमेंट से थकाने पर आधारित है। इसलिए फुटवर्क बेहद अहम है। नए कोच और बदले हुए ट्रेनिंग सिस्टम के साथ मुझे पूरा भरोसा है कि मैं जापान में होने वाले एशियन गेम्स में पदक जीत सकूंगी।”
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे
