जयपुर, 15 अप्रैल (हि.स.)। सुप्रीम कोर्ट ने एसआई भर्ती-2021 की लिखित परीक्षा में डमी अभ्यर्थी बनकर दो उम्मीदवारों के स्थान पर परीक्षा देने वाले निलंबित आरएएस हनुमाना राम को जमानत देने से इनकार कर दिया है। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की खंडपीठ ने यह आदेश आरोपी हनुमाना राम की जमानत याचिका को खारिज करते हुए दिए। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता पर तीन व्यक्तियों के लिए डमी अभ्यर्थी बनने का आरोप है। यह एक घटना नहीं है, बल्कि आरोपी के निरंतर आचरण को दर्शाती है।

जमानत याचिका में आरोपी की ओर से कहा गया कि वह बीते एक साल से न्यायिक अभिरक्षा में चल रहा है। ऐसे में मुकदमे की सुनवाई पूरी होने में समय लगने को देखते हुए उसे जमानत दी जाए। जिसका विरोध करते हुए एएजी शिवमंगल शर्मा ने कहा कि आरोपी ने एसआई परीक्षा में दो अभ्यर्थियों के स्थान पर परीक्षा दी थी, हालांकि दोनों अभ्यर्थी बाद में साक्षात्कार में फेल हो गए थे। इसके साथ ही उसने पटवारी भर्ती में भी डमी अभ्यर्थी की भूमिका निभाई थी। उसने आरएएस अधिकारी होते हुए यह अपराध किए हैं। ऐसे अधिकारी पूरे तंत्र के लिए खतरा हैं। ऐसे में उसे जमानत नहीं मिलनी चाहिए। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को जमानत देने से इनकार कर दिया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / पारीक
