मुंबई, 13 अप्रैल (हि. स.) । भारत के चुनाव आयोग के निर्देशानुसार, वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर ) प्रोग्राम का पहला फेज देश भर के 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में लागू किया जा रहा है। इस पहल के तहत, महाराष्ट्र राज्य के ठाणे जिले के 18 विधानसभा क्षेत्रों में वोटरों के नामों की ‘ खाका तैयार’ करने का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है।

इस खास अभियान के तहत, मौजूदा मतदाता सूची में मौजूद नामों की तुलना साल 2002 में प्रकाशित हुई पुरानी मतदाता सूची से की जाएगी।
इस बारे में, 150-ऐरोली विधानसभा क्षेत्र की मतदाता पंजीयन अधिकारी प्रीति पाटिल ने एक प्रेस रिलीज के जरिए डिटेल में जानकारी दी है। इस मुहिम में मानचित्रण मुख्य रूप से दो तरीकों से की जाएगी। जिन वोटरों के नाम पहले से ही 2002 की वोटर लिस्ट में शामिल हैं, उनकी ‘पर्सन टू पर्सन’ रूपरेखा की जाएगी। दूसरी तरफ, जिन नए वोटर्स के नाम 2002 की लिस्ट में नहीं हैं, उनकी ‘प्रोजेनी मैपिंग’ उनके माता-पिता या दादा-दादी के 2002 में दिए गए नामों की डिटेल्स के आधार पर की जाएगी। इसके लिए ज़रूरी सभी 2002 की वोटर लिस्ट्स चुनाव आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट पर पीडीएफ फॉर्मेट में उपलब्ध करा दी गई हैं।
इस प्रोसेस में नागरिकों की सुविधा के लिए, चुनाव आयोग ने https://voters.eci.gov.in लिंक उपलब्ध कराया है। इस लिंक पर जाकर वोटर्स 2002 की लिस्ट में अपना या अपने माता-पिता का पुराना पार्ट नंबर और सीरियल नंबर ढूंढ सकते हैं।
यह मैपिंग प्रोसेस 11 से 24 अप्रैल 2026 तक ऐरोली विधानसभा क्षेत्र की सभी सोसायटियों में लागू किया जाएगा। इस दौरान, सेंट्रल लेवल ऑफिसर ( बीएलओ) मतदाता के पास जाकर उनकी जानकारी पंजीकृत करेंगे।
मतदाता पंजीयन अधिकारी ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे 2002 की वोटर लिस्ट में अपने परिवार के सभी सदस्यों की डिटेल्स तैयार रखें। जब बीएलओ अधिकारी सोसाइटियों में आएं, तो उन्हें यह जानकारी दें और अपना और अपने परिवार का नाम सही से मानचित्रण करें।क्योंकि यह प्रक्रिया एक पारदर्शी और सही मतदाता सूची बनाने के लिए बहुत ज़रूरी है, इसलिए ज़िला प्रशासन ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे इस मुहिम में खुद से हिस्सा लें और सहयोग करें।
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हिन्दुस्थान समाचार / रवीन्द्र शर्मा
