नई दिल्ली, 07 फ़रवरी (हि.स.)। साइबर ठगी के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी और सख्त कार्रवाई करते हुए ‘ऑपरेशन साइहॉक 3.0’ को अंजाम दिया है। 5 और 6 फरवरी को चले इस अभियान के तहत दिल्ली समेत देश के 10 से अधिक राज्यों में एकसाथ दबिश देकर साइबर अपराध के संगठित नेटवर्क को बड़ा झटका दिया गया। यह बीते चार महीनों में दिल्ली पुलिस का तीसरा बड़ा साइबर प्रवर्तन अभियान है।

दिल्ली पुलिस कमिश्नर सतीश गोलछा ने कहा कि साइबर फ्रॉड कोई अकेली घटना नहीं बल्कि एक संगठित और बहुस्तरीय अपराध तंत्र है। ऑपरेशन साइहॉक 3.0 यह दर्शाता है कि दिल्ली पुलिस समय रहते, निर्णायक और निरंतर कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हर साइहॉक अभियान के साथ साइबर अपराधियों के खिलाफ डर बढ़ेगा और आम नागरिकों का भरोसा मजबूत होगा।

पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार ऑपरेशन के दौरान असम, अरुणाचल प्रदेश, केरल, राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, पंजाब समेत कई राज्यों में एकसाथ कार्रवाई की गई। जिसमें 5000 से ज्यादा पुलिसकर्मियों ने हिस्सा लिया। कार्रवाई का केन्द्र म्यूल खाता ऑपरेटरों, फर्जी सिम कार्ड नेटवर्क, डिजिटल माध्यमों से ठगी को अंजाम देने वाले आरोपित और वित्तीय लेन-देन के चैनलों पर रहा। इस दौरान 6552 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। जबकि 2563 लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई। 955 आरोपितों को गिरफ्तार गया। इसके अलावा 1608 लोगों के खिलाफ नोटिस जारी किया गया। इस बीच पुलिस ने 299 नई एफआईआर दर्ज कीं और 262 पुराने मामलों को इस ऑपरेशन से जोड़ा गया।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि ऑपरेशन साइहॉक 3.0 के दौरान कई बड़े अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड रैकेट भी उजागर हुए। एक मामले में फर्जी आरटीओ एप्लिकेशन लिंक के जरिए ठगी करने वाले गिरोह से 22 लाख नकद, विदेशी मुद्रा, 1.8 किलो से अधिक सोना-चांदी, मोबाइल फोन और लैपटॉप बरामद किए गए। वहीं, एक अन्य मामले में निवेश के नाम पर ठगी करने वाले नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ। जिसमें 9.28 करोड़ की रकम म्यूल करंट अकाउंट्स के जरिए घुमाई जा रही थी। यह नेटवर्क 84 एनसीआरपी शिकायतों से जुड़ा पाया गया। जिसके बाद 92 सिम कार्ड, 37 मोबाइल फोन, 39 चेक बुक, एटीएम कार्ड, पीओएस मशीन और यूपीआई स्कैनर जब्त किए गए। एक तीसरे मामले में असम और तवांग से आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके पास से कई मोबाइल डिवाइस बरामद किए गए। इसके साथ ही करीब 30 लाख की क्रिप्टोकरेंसी को फ्रीज किया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी
