प्रयागराज, 14 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर केवल संविधान के शिल्पकार नहीं थे, बल्कि करोड़ों वंचित, शोषित और हाशिए पर खड़े लोगों की आवाज थे। उन्होंने देशवासियों को समानता, न्याय और आत्मसम्मान के साथ जीने का मार्ग दिखाया।

भारत रत्न भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर मंत्री नन्दी मंगलवार को नैनी के इंदलपुर, एफसीआई रोड और गऊघाट में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने बाबा साहब की प्रतिमा एवं चित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया तथा पदयात्रा में भाग लेकर हरी झंडी दिखाकर उसे रवाना किया।
मंत्री नन्दी ने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने सिर्फ संविधान ही नहीं दिया, बल्कि एक ऐसे भारत की नींव रखी जहां हर व्यक्ति को गरिमा, समान अवसर और न्याय मिले।
उन्होंने सामाजिक असमानताओं और कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष कर वंचित वर्गों को अधिकार दिलाने का कार्य किया, जो आज भी प्रेरणादायी है।
उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान ने देश को लोकतांत्रिक और न्यायपूर्ण आधार प्रदान किया है, जो हर नागरिक को समानता, अधिकार और कर्तव्यों के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। महिलाओं सहित समाज के कमजोर वर्गों के सशक्तिकरण में भी बाबा साहब के विचार अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
इस अवसर पर भाजपा महानगर उपाध्यक्ष अनिल केसरवानी झल्लर, मंडल अध्यक्ष परमानंद वर्मा, रजत दुबे, रिंकू भारतीया, सदन निषाद, चंद्रबली जाटव, उमेश कनौजिया, राकेश सिंह पटेल, पार्षद अनूप पासी, दिलीप केसरवानी, नरसिंह, वंश नारायण प्रसाद, पवन सिंह, सुनील विश्वकर्मा, मोहित अग्रहरि, रवि मिश्रा, बाबा सिंह, दीपू पटेल सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल
