कोलकाता, 04 फ़रवरी (हि. स.)। कोलकाता स्थित गैर सरकारी संस्था कंसर्न फॉर कलकत्ता के तत्वावधान में केंद्रीय बजट के प्रभाव पर चर्चा के लिए सेमिनार का आयोजन किया गया। बंगाल क्लब में आयोजित सेमिनार में कर विशेषज्ञों ने बजट की खुलकर सराहना की।

यूको बैंक के कार्यकारी निदेशक राजेंद्र साबू ने उद्घाटन भाषण देते हुए बताया कि यह बजट 2047 तक आर्थिक विकास के लिए लक्ष्य कैसे निर्धारित करता है, जब देश एक विकसित अर्थव्यवस्था बन सकता है। उन्होंने विशेष रूप से संकेत दिया कि विकसित भारत के लिए बैंकिंग पर प्रस्तावित उच्च स्तरीय समिति की रिपोर्ट आने के बाद बैंकिंग क्षेत्र की भूमिका अधिक सक्रिय होगी। उन्होंने नागरिकों को अपने पुराने खातों में पड़े पैसे का लाभ उठाने की सलाह दी।
आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण के उपाध्यक्ष डीआरएल रेड्डी ने हर साल केंद्रीय बजट पर उपयोगी चर्चा आयोजित करने के लिए आयोजकों की सराहना की। आईटेट के सदस्य जॉर्ज मथान, राजेश कुमार, एलपी साहू, संजय शर्मा, पीके चौबे, राकेश मिश्रा और सहायक रजिस्ट्रार मनीष भोई ने भी सेमिनार में अपने विचार रखें।
सेमिनार को संबोधित करते हुए जाने-माने उद्योगपति शिशिर बाजोरिया ने बताया कि हाल ही में संपन्न भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौते (एफटीएल) और अमेरिका के साथ उभरता व्यापार सौदा हमारे व्यापार, प्रौद्योगिकी और विकसित भारत के विजन पर कैसे सकारात्मक प्रभाव डालेगा। उन्होंने बताया कि बजट में किए गए प्रस्ताव देश के विकास में मदद करेंगे।
जाने-माने टैक्स विशेषज्ञ एडवोकेट एसके तुलस्यान ने बजट में आयकर अधिनियम में बदलावों करते हुए कहा कि कई संशोधन किए गए हैं जो टैक्स देने वालों के लिए राह आसान बनाएंगे। सीए एसएस गुप्ता ने विभिन्न नए टैक्स प्रावधानों पर बात की जो कॉर्पोरेट के साथ-साथ अन्य टैक्स देने वालों को भी प्रभावित करेंगे।
कंसर्न फॉर कलकत्ता के अध्यक्ष और जाने-माने टैक्स एडवोकेट और लेखक नारायण जैन ने कहा कि वित्त मंत्री ने समग्र दीर्घकालिक आर्थिक विकास का लक्ष्य रखा था, लेकिन वह टैक्स देने वालों को खुश नहीं कर पाईं क्योंकि मध्यम वर्ग के लिए कोई बड़ी रियायत नहीं थी।
कंसर्न फॉर कलकत्ता के पूर्व अध्यक्ष सीए बीजी रॉय ने अपने अनोखे अंदाज में कार्यक्रम का संचालन किया जबकि केएस अधिकारी ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने वाले सदस्यों में समीर दत्त, दीपक जैन, राजेंद्र खंडेलवाल, ममता बिनानी, लेखा शर्मा, केएन गुप्ता, ओपी झुनझुनवाला, आरडी काकरा, एसएम गुप्ता, विवेक सोवासरिया (डीजीएम टैली), केसी तिवारी, बीएल दुगर, नेहा गुप्ता, जगत बैद और अन्य सदस्य शामिल थे। यह सत्र तीन घंटे तक चला और कंसर्न फॉर कलकत्ता, कलकत्ता सिटिजन्स इनिशिएटिव्स, लीगल रिलीफ सोसाइटी और एनसीएलटी कोलकाता बार एसोसिएशन के सदस्यों ने इस ज्ञानवर्धक और आनंददायक सत्र में सक्रिय रूप से भाग लिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष मधुप
