काठमांडू, 10 मार्च (हि.स.)। नेपाल के विभिन्न हिस्सों में वायु प्रदूषण के स्तर में हाल के दिनों में वृद्धि दर्ज की गई है, जिसका कारण प्रतिकूल मौसम है। मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माने जाने वाले सूक्ष्म कणों की सांद्रता कई क्षेत्रों में बढ़ गई है। खासकर काठमांडू और पोखरा जैसे बड़े शहरों और तराई क्षेत्र के अधिकांश हिस्सों में प्रदूषण का स्तर अधिक है।

वन तथा वातावरण मंत्रालय के तहत पर्यावरण विभाग ने मंगलवार को जनता से अपील की है कि वे वायु प्रदूषण के स्वास्थ्य प्रभावों को कम करने के लिए सावधानी बरतें। जारी किए गए एक संदेश में विभाग ने नागरिकों से उच्च प्रदूषण वाले समय में बाहर निकलते समय मास्क पहनने का अनुरोध किया है। इसके अलावा वाहन मालिकों को अपने वाहनों का नियमित रखरखाव करने की सलाह दी गई और लोगों से कचरा और कृषि अवशेषों को जलाने से बचने का आग्रह किया गया।
विभाग ने इसके अलावा जनता से वन आग न लगाने और यदि आग लग जाए तो उसे तुरंत बुझाने के प्रयास करने का आग्रह किया। निर्माण गतिविधियों को इस तरह किया जाना चाहिए कि धूल का उत्सर्जन न्यूनतम हो, जबकि उद्योगों को सरकार द्वारा निर्धारित पर्यावरणीय मानकों का पूरी तरह पालन करना अनिवार्य है। विभाग के महानिदेशक ज्ञान राज सुवेदी ने जोर देते हुए कहा कि वायु प्रदूषण में प्रभावी कमी केवल जिम्मेदार एजेंसियों और जनता के सहयोग और सकारात्मक प्रयासों से ही संभव है।
उन्होंने यह भी बताया कि प्रदूषण के स्तर सुबह और शाम के समय अधिक रहते हैं। विभाग के अनुसार ठंडी परिस्थितियां विभिन्न स्रोतों से निकलने वाले प्रदूषकों को वातावरण में फैलने से रोकती हैं। साथ ही पिछले कुछ हफ्तों में लगातार वर्षा का अभाव भी इस मौसम में वायु गुणवत्ता को और खराब करने का कारण बना है।
—————
हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास
