कानपुर, 09 फरवरी (हि.स.)। जनपद में साइबर अपराधों की प्रभावी विवेचना और डिजिटल फॉरेंसिक क्षमता को मजबूत करने के लिए एक अहम पहल की गई है। कानपुर पुलिस और आईआईटी से संबद्ध C3iHub के बीच सोमवार को साइबर अपराध विवेचना एवं फॉरेंसिक प्रशिक्षण को लेकर एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

इस अवसर पर पुलिस उपाध्यक्ष (अपराध) अंजलि विश्कर्मा और C3iHub के मुख्य रणनीति अधिकारी डॉ. आनंद हांका भी उपस्थित रहे। समझौता ज्ञापन का मुख्य उद्देश्य पुलिस अधिकारियों को साइबर अपराधों की जांच में छोटे-छोटे, केंद्रित और समस्या-आधारित प्रशिक्षण प्रदान करना है। इसके तहत डिजिटल फॉरेंसिक लैब पर बढ़ते कार्यभार को कम करना, मोबाइल व अन्य डिजिटल उपकरणों से जुड़े साक्ष्यों के परीक्षण में अनावश्यक विलंब रोकना और फील्ड स्तर पर प्रारंभिक तकनीकी विश्लेषण करना संभव होगा।
C3iHub द्वारा अधिकारियों को मोबाइल, कंप्यूटर और अन्य डिजिटल डिवाइस से जुड़े फॉरेंसिक विश्लेषण, ई-मेल व ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म आधारित अपराधों की तकनीकी विवेचना, रैनसमवेयर, ऑनलाइन फ्रॉड और क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े अपराधों की जांच का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
पुलिस कमिश्नर कानपुर नगर की ओर से वरिष्ठ अधिकारियों और C3iHub की ओर से मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। अधिकारियों का कहना है कि इस सहयोग से कानपुर पुलिस की साइबर अपराध विवेचना क्षमता में गुणात्मक सुधार होगा, डिजिटल मामलों में तेजी आएगी और तकनीकी व प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित होगी।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप
