जयपुर, 25 फ़रवरी (हि.स.)। राजधानी में कोचिंग संस्थानों में छात्र सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। जिला कलेक्टर डॉ. जितेंद्र सोनी ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में कोचिंग संचालकों की समीक्षा बैठक लेते हुए सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन की अक्षरशः पालना सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए।

बैठक में कलेक्टर ने सभी कोचिंग संस्थानों को तुरंत फायर ऑडिट करवाने के निर्देश दिए। साथ ही छात्र सुरक्षा की दिशा में सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित 12 प्रमुख बिंदुओं पर पालना रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए 9 मार्च तक का समय दिया है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय सीमा के बाद नियमों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में उप जिला कलेक्टर युगांतर शर्मा, जयपुर पुलिस कमिश्नरेट के जिले के चारों जोन के पुलिस अधिकारी, नगर निगम, जयपुर विकास प्राधिकरण और चिकित्सा विभाग के आला अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन ने सभी विभागों को आपसी समन्वय से संस्थानों की जांच करने के निर्देश दिए।
ऑल कोचिंग इंस्टिट्यूट महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसी शर्मा की उपस्थिति में प्रदेश अध्यक्ष अनीष कुमार नाडार और महासचिव अजय अग्रवाल ने प्रशासन को भरोसा दिलाया कि सभी संस्थान नियमों का पूर्ण पालन करेंगे। इसी दौरान महासंघ ने सरकार के सामने कोचिंग कल्याण बोर्ड के गठन की मांग भी रखी। महासंघ का कहना है कि बोर्ड के गठन से संस्थानों को एक सरल और सकारात्मक वातावरण मिल सकेगा।
—————
हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश
