गुमला, 19 अप्रैल (हि.स.)। जिले के रायडीह प्रखंड के सुदूरवर्ती क्षेत्र कोब्जा गांव में प्रकृति पर्व सरहुल पूरे हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। सरना स्थल पर मांगा बैगा, विजय बैगा और तुंबा बैगा ने विधिवत पूजा-अर्चना कर ग्रामवासियों के लिए सुख-समृद्धि की कामना की।

पूजा के बाद भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो कोब्जा बस्ती और करंज टोली होते हुए बाजारटांड़ में जाकर संपन्न हुई। इसके बाद मंचीय कार्यक्रम और अखड़ा का आयोजन किया गया, जिसमें आसपास के कई गांवों से आयें खोड़हा दलों ने अपनी पारंपरिक कला और संस्कृति की प्रस्तुति दी।कार्यक्रम में कोब्जा, तेतर टोली, गिनजइन डांड, रमजा, मधुकोना, लकड़ाकोना, बरटोली, नकटिझरिया, बुचीडाड़ी, औरालोंगड़ा, चीरोडांड, झालिया बांध, भींजपुर, थामगड़ा और बालीधोवा सहित विभिन्न गांवों के दलों ने भाग लिया।
सभी प्रतिभागी दलों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। साथ ही, आगंतुक अतिथियों का बैज और गमछा पहनाकर स्वागत किया गया। पूरे आयोजन में ग्रामीणों का उत्साह देखते ही बनाता था और पारंपरिक लोक संस्कृति की झलक ने माहौल को जीवंत बना दिया।इस अवसर पर अंचलाधिकारी शैलेन्द्र कुमार चौरसिया, सुरसांग थाना प्रभारी अनिकेत कुमार गुप्ता, प्रमुख ममता सोरेंग, मुखिया तारामणि सोरेंग सहित सरहुल पूजा संचालन समिति के संयोजक बिशु सोरेंग, अध्यक्ष सुखराम उरांव, सचिव जीवन केरकेट्टा, कोषाध्यक्ष दुःखु सोरेंग तथा अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / हरि ॐ सुधांशु सुधांशु
