कोरबा, 15 मार्च (हि. स.)। जिले में पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन को मजबूत बनाने के लिए जिला प्रशासन जल्द ही ‘निर्माण कोरबा’ पोर्टल शुरू करने जा रहा है। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने इस पोर्टल को शीघ्र सार्वजनिक करने के निर्देश देते हुए सभी विभागों को निर्माण कार्यों की जानकारी इसमें अनिवार्य रूप से दर्ज करने को कहा है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में सुशासन और पारदर्शिता की नीति को आगे बढ़ाते हुए कोरबा जिले में यह नई डिजिटल पहल की जा रही है। इस पोर्टल के माध्यम से जिले के सभी निर्माण कार्यों की जानकारी एक ही डिजिटल मंच पर उपलब्ध होगी, जिससे आम नागरिक और जनप्रतिनिधि विकास कार्यों की वास्तविक प्रगति आसानी से देख सकेंगे।
इस संबंध में जिला प्रशासन ने नगर निगम, नगरीय निकायों, जिला पंचायत, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, लोक निर्माण विभाग, आदिवासी विकास विभाग और जल संसाधन विभाग सहित सभी निर्माण एजेंसियों की बैठक आयोजित की। बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि अब स्वीकृत किसी भी निर्माण कार्य की पूरी जानकारी पोर्टल में दर्ज की जाएगी। इसमें कार्य की स्वीकृति, लागत, कार्य प्रारंभ की तिथि, प्रगति, निर्माणाधीन स्थिति और पूर्णता की जानकारी नियमित रूप से अपडेट करनी होगी। साथ ही प्रत्येक चरण की जियो-टैग्ड तस्वीरें और इंजीनियरों की टिप्पणियां भी उसी दिन अपलोड की जाएंगी।
कलेक्टर ने कहा कि कई बार कागजी रिकॉर्ड और वास्तविक स्थिति में अंतर देखने को मिलता है। कहीं प्रगति दिखाई जाती है, जबकि जमीन पर काम शुरू नहीं होता और कहीं काम पूरा दिखा दिया जाता है, जबकि कई कमियां बाकी रहती हैं। इन विसंगतियों को खत्म करने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए यह पोर्टल प्रभावी माध्यम साबित होगा।
‘निर्माण कोरबा’ पोर्टल की एक खास विशेषता यह है कि जिले की सभी परियोजनाएं जीआईएस आधारित मानचित्र पर दिखाई देंगी। प्रस्तावित कार्यों को पीले, निर्माणाधीन कार्यों को हरे और पूर्ण कार्यों को नीले रंग में दर्शाया जाएगा। इससे नागरिक आसानी से देख सकेंगे कि उनके क्षेत्र में कौन-सा विकास कार्य किस चरण में है।
कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए कि आगामी समीक्षा बैठकों में कागजी रिपोर्ट की जरूरत नहीं होगी। बैठकें सीधे पोर्टल के डेटा के आधार पर की जाएंगी, जिससे निर्णय प्रक्रिया अधिक सटीक और पारदर्शी होगी।
जिला प्रशासन के अनुसार कुछ ही दिनों में यह पोर्टल आम जनता के लिए भी उपलब्ध करा दिया जाएगा। इसके बाद नागरिक अपने मोबाइल या कंप्यूटर से किसी भी निर्माण कार्य की स्थिति वास्तविक समय में देख सकेंगे। यह पहल जिले में डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने के साथ-साथ विकास कार्यों की निगरानी को और अधिक प्रभावी बनाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार/हरीश तिवारी
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हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी
