वाराणसी, 08 फरवरी (हि. स.)। वाराणसी के भिखारीपुर चौराहा स्थित एपेक्स हॉस्पिटल में क्रिटिकल केयर विभाग एवं कॉलेज ऑफ फिजियोथेरेपी के संयुक्त प्रयास से प्रमाणित मूलभूत क्रिटिकल केयर एवं आईसीयू में फिजियोथेरेपी की भूमिका विषय पर दो दिवसीय हैंड्स-ऑन कार्यशाला आयोजित हुई। यह कार्यशाला उत्तर प्रदेश एलाइड एंड हेल्थकेयर काउंसिल द्वारा प्रमाणित पहली कार्यशाला भी रही।

कार्यशाला में सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ प्रदेश भर से शामिल 150 से भी अधिक प्रतिभागियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। जिससे आईसीयू में फिजियोथेरेपी की भूमिका, मरीजों की शीघ्र रिकवरी, श्वसन प्रबंधन एवं पुनर्वास तकनीकों की विस्तृत समझ विकसित हुई। कार्यशाला को अनुभवी रिसोर्स पर्सन्स का विशेष मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। मार्गदर्शन देने वाले में डॉ. शिवम श्रीवास्तव, कार्डियोरेस्पिरेटरी फिजियोथेरेपिस्ट, केजीएमयू, लखनऊ; डॉ. आशीष श्रीवास्तव, कंसल्टेंट, क्रिटिकल केयर एवं एनेस्थीसियोलॉजी विभाग; तथा डॉ. सुरभि आर्या, असिस्टेंट प्रोफेसर, एपेक्स कॉलेज ऑफ फिजियोथेरेपी शामिल रहे। कार्यशाला से प्रतिभागियों के ज्ञान एवं कौशल में उल्लेखनीय वृद्धि की और क्रिटिकल केयर क्षेत्र में फिजियोथेरेपी की अहम भूमिका को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ।
इससे पहले कार्यशाला का उद्घाटन काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के एनेस्थीसियोलॉजी एवं क्रिटिकल केयर के विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. राजीव पांडेय ने किया। इस अवसर पर एपेक्स ग्रुप के चेयरमैन प्रो. डॉ. एस. के. सिंह, एपेक्स हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. स्वरूप पटेल, डॉ. अब्दुल कादिर, डॉ. गणेश कुशवाहा, एपेक्स एडवांस्ड फिजिकल रिहैबिलिटेशन यूनिट के प्रमुख डॉ. यू. के. सिंह तथा प्रिंसिपल डॉ. पुनीत जायसवाल सहित तमाम वरिष्ठ चिकित्सक एवं संकाय सदस्य उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / शरद
