कानपुर, 14 मार्च (हि.स.)। क्लाइंट काउंसलिंग जैसी प्रतियोगिताएं विधि के विद्यार्थियों को व्यवहारिक ज्ञान प्रदान करती हैं और उन्हें भविष्य में एक सक्षम अधिवक्ता बनने के लिए तैयार करती हैं। ऐसे आयोजनों से छात्रों में तार्किक क्षमता, संवाद कौशल और विधिक समझ का विकास होता है। यह बातें शनिवार को अधिवक्ता अवि सक्सेना ने कहीं।

छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक के मार्गदर्शन में अटल बिहारी वाजपेयी विधि अध्ययन संस्थान द्वारा आयोजित प्रथम अटल बिहारी वाजपेयी डिस्ट्रिक्ट क्लाइंट काउंसलिंग प्रतियोगिता–2026 का शनिवार को समापन हो गया। दो दिवसीय इस प्रतियोगिता में विभिन्न विधि संस्थानों से आई टीमों ने भाग लेकर अपनी विधिक प्रतिभा और क्लाइंट परामर्श कौशल का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि अधिवक्ता अवि सक्सेना (मुख्य विधिक सलाहकार, एमएसएमई मध्यस्थता न्यायाधिकरण एवं विशेष लोक अभियोजक, आयकर विभाग – वित्त मंत्रालय, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड) रहे।
प्रतियोगिता में वीएसएसडी विधि महाविद्यालय, कानपुर की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। विजेता टीम में ऋतिका यादव और स्वर्णिमा वर्मा शामिल रहीं, जिन्हें 7500 रुपये की पुरस्कार राशि दी गई। वहीं अटल बिहारी वाजपेयी विधि अध्ययन संस्थान की टीम उपविजेता रही, जिसमें प्रणव विश्वकर्मा और वैष्णवी द्विवेदी शामिल रहे। उपविजेता टीम को 5000 रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई।
इसके अलावा मेहक जायसवाल को श्रेष्ठ क्लाइंट तथा आसमा परवीन को श्रेष्ठ परामर्शदाता का पुरस्कार दिया गया। कार्यक्रम के आयोजन में मेघना बाजपेयी और दीक्षा बाजपेयी का विशेष योगदान रहा। समापन समारोह में शिक्षकगण, शोधार्थी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप
