
खरगोन, 02 फ़रवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के खरगाेन जिले के महेश्वर थाना क्षेत्र के सुलगांव दगड़ी गांव में सोमवार को अंतिम संस्कार के दौरान दो पक्षों के बीच विवाद हाे गया। दाह संस्कार स्थल को लेकर शुरू हुई कहासुनी देखते ही देखते पथराव में बदल गई, जिसमें गांव के चौकीदार सहित छह ग्रामीण घायल हो गए। स्थिति बिगड़ने पर तीन थानों की पुलिस फोर्स मौके पर भेजी गई, जिसके बाद हालात पर काबू पाया जा सका।

जानकारी के अनुसार सुलगांव दगड़ीगांव के ही रहने वाले मोहन पाटीदार की मां का निधन हाे गया था। परिजन और रिश्तेदार अंतिम संस्कार के लिए नर्मदा तट से करीब 200 मीटर दूर एक खुले स्थान पर पहुंचे थे। दाह संस्कार की तैयारी के दौरान गांव के कुछ लोगों ने आपत्ति जताई और कहा कि अंतिम संस्कार नर्मदा से निर्धारित दूरी और तय स्थान पर ही किया जाना चाहिए। आपत्ति को लेकर हुई बातचीत कुछ ही देर में बहस में बदल गई और फिर विवाद हिंसक हो गया। दूसरे पक्ष द्वारा अंतिम संस्कार में शामिल लोगों पर पथराव किया गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
तीन थानों की पुलिस बुलानी पड़ी
घटना की सूचना मिलते ही मंडलेश्वर एसडीओपी श्वेता शुक्ला मौके पर पहुंचीं। हालात को संभालने के लिए मंडलेश्वर, महेश्वर और कसरावद थानों से पुलिस बल बुलाया गया। पुलिस की मौजूदगी में बाद में शव का अंतिम संस्कार कराया गया।
चौकीदार समेत छह को चोट
एसडीओपी शुक्ला के अनुसार अंतिम यात्रा में करीब 200 से अधिक लोग शामिल थे। पथराव की घटना में दोनों पक्षों से तीन-तीन लोग घायल हुए हैं। गांव के चौकीदार श्रवण पुत्र रणछोड़ शिवन्या की पीठ पर पत्थर लगने से चोट आई, जबकि आमिर पुत्र हकीम खान के सिर में चोट आई है। सभी घायलों का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार कराया गया है।
गांव में शांति, आरोपियों की पहचान जारी
फिलहाल गांव में स्थिति शांत है। पुलिस पथराव में शामिल लोगों की पहचान कर रही है और मामले में कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। गांव की सरपंच फुलकी बाई वर्मा ने बताया कि जिस स्थान पर अंतिम संस्कार किया जा रहा था, उसके आसपास घर बने हुए हैं। ग्रामीणों का कहना था कि यह स्थान अंतिम संस्कार के लिए निर्धारित नहीं है, घरों के पास दाह संस्कार होने से धुआं फैलता है और बच्चों में डर का माहौल बनता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे
