काठमांडू, 01 मार्च (हि.स.)। खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव और युद्ध के कारण वहां फंसे नेपाली उससे नेपाली नागरिकों की वापसी के उपाय पर चर्चा के लिए सुशीला कार्की ने मंत्रिपरिषद की आकस्मिक बैठक की। इस बैठक में भारत से मदद लेने का निर्णय किया गया है।

बैठक से पहले प्रधानमंत्री कार्की ने विदेश मंत्री बालानन्द शर्मा और श्रम तथा रोजगार मंत्री राजेन्द्र सिंह भण्डारी को बालुवाटार बुलाकर ताजा स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान प्रधानमंत्री ने युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में रह रहे नेपाली नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल उद्धार की कार्ययोजना तैयार रखने के निर्देश दिए।

विदेश मंत्री शर्मा ने कहा कि खादी देशों के फंसे नेपाली नागरिकों की सुरक्षित वापसी की सभी संभावनाओं पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि सरकार ने यह तय किया है कि खादी देशों में फंसे नेपाली नागरिकों की वापसी के लिए भारत और संयुक्त राष्ट्र से मदद लेने के लिए कूटनीतिक माध्यम से बातचीत शुरू किया गया है।
इससे पहले भी युद्धग्रस्त क्षेत्र से नेपाली नागरिकों को वहां से निकालने के लिए भारत की मदद ली गई है। विदेश मंत्री शर्मा ने कहा कि इस संबंध में वो आज ही भारत के विदेश मंत्री डॉ इस जयशंकर से चर्चा कर आगे का रास्ता निकालने का प्रयास करने वाले हैं।
हाल के दिनों में ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के कारण खाड़ी क्षेत्र के देशों में सुरक्षा स्थिति गंभीर होती जा रही है। वैदेशिक रोजगार के लिए उस क्षेत्र में 10 लाख से अधिक नेपाली कार्यरत हैं, जिससे वहां की अस्थिरता नेपाल की रेमिटेंस आधारित अर्थव्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रत्यक्ष चुनौती बन गई है।
इससे पहले भी सरकार ने इजरायल–हमास संघर्ष के दौरान 250 से अधिक नेपाली नागरिकों की स्वदेश वापसी कराई थी। आज की बैठक में मध्यपूर्व में रह रहे नेपाली नागरिकों के लिए विशेष ‘ट्रैवल एडवाइजरी’ जारी किया था।
—————
हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास
