गदग (कर्नाटक), 07 फ़रवरी (हि.स.)।

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद बसवराज बोम्मई ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस महात्मा गांधी और भगवान राम को अलग करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी इस देश की आत्मा हैं और राम गांधीजी की आत्मा हैं, दोनों को अलग नहीं किया जा सकता।

गदग शहर स्थित भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में भाजपा गदग जिला इकाई द्वारा आयोजित वीबी–जी–राम–जी योजना के क्रियान्वयन और जनजागरण बैठक में बोम्मई ने कहा कि वीबी–जी–राम–जी योजना के लाभों तथा मनरेगा योजना में हो रहे भ्रष्टाचार को लेकर हर ग्राम पंचायत में बैनर लगाकर जनता को जागरूक किया जाना चाहिए। यह राज्य सरकार की राजशक्ति के खिलाफ जनशक्ति का संघर्ष होना चाहिए।
उन्होंने कांग्रेस पर महात्मा गांधी के सत्य और सत्याग्रह के मूल्यों को भूल जाने का आरोप लगाया और कहा कि गांधीजी तथा डॉ. बी.आर. आंबेडकर के नामों का राजनीतिक लाभ के लिए उपयोग किया जा रहा है।
मनरेगा योजना पर बोलते हुए बोम्मई ने कहा कि 100 दिनों की मजदूरी के लिए केंद्र सरकार धन उपलब्ध कराती है, लेकिन अतिरिक्त दिनों के मुद्दे पर राज्य सरकार केवल नाटक कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास कार्य ठप पड़े हैं, घर बनाने वालों को और जल जीवन मिशन के तहत राशि जारी नहीं की गई है। उन्होंने कांग्रेस सरकार को “शून्य उपलब्धि वाली सरकार” करार दिया।
अपने कार्यकाल को याद करते हुए उन्होंने कहा कि मनरेगा में भ्रष्टाचार की जांच कराकर दोषी अधिकारियों को जेल भेजा गया था। उन्होंने फर्जी बिलों, एजेंटों की लूट और तकनीक के दुरुपयोग को लेकर गंभीर आरोप लगाए तथा कहा कि मनरेगा में महिलाओं के लिए आरक्षित हिस्से का भी दुरुपयोग किया जा रहा है।
बोम्मई ने किसानों के पक्ष में संघर्ष की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि उत्तर कर्नाटक के साथ लगातार अन्याय हो रहा है। सिंचाई परियोजनाएं ठप हैं और कृष्णा ऊपरी परियोजना के लिए धन जारी नहीं किया जा रहा। उन्होंने कहा कि वीबी–जी–राम–जी योजना से ग्रामीण विकास को गति मिली है और महिलाओं को अधिक रोजगार के अवसर मिल रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश महादेवप्पा
