कोलकाता, 19 मार्च (हि.स.)। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले 14 मार्च को उत्तर कोलकाता के गिरिश पार्क इलाके में हुई हिंसा को लेकर चुनाव आयोग ने कोलकाता पुलिस से नई रिपोर्ट मांगी है। यह हिंसा राज्य सरकार की एक मंत्री के आवास के सामने तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प के बाद हुई थी।

यह घटना उसी दिन हुई थी जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कोलकाता के ब्रिगेड परेड मैदान में अपनी पार्टी की रैली को संबोधित करने पहुंचे थे।
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के सूत्रों के अनुसार, कोलकाता पुलिस ने आयोग को जो पहली रिपोर्ट भेजी थी, उसमें आयोग के एक महत्वपूर्ण सवाल का स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया था। आयोग ने पूछा था कि उस दिन शहर में पहले से तैनात केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल को स्थिति नियंत्रित करने के लिए क्यों नहीं बुलाया गया।
सूत्रों के अनुसार आयोग ने इस मुद्दे पर स्पष्ट जानकारी नहीं दिए जाने पर नाराजगी जताई है और कोलकाता पुलिस को इस प्रश्न का स्पष्ट उत्तर देते हुए जल्द नई रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया है।
गिरिश पार्क में हुई झड़प के मामले में अब तक नौ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया है कि कोलकाता पुलिस कार्रवाई में पक्षपात कर रही है और केवल उसके कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है। भाजपा का दावा है कि यह झड़प उस समय शुरू हुई जब तृणमूल कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री की रैली में जा रहे भाजपा समर्थकों की बस पर हमला किया।
वहीं तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि गिरिश पार्क स्थित राज्य की महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री डॉ. शशि पांजा के आवास पर पथराव किया गया।
तृणमूल का दावा है कि प्रधानमंत्री की रैली में जा रहे भाजपा कार्यकर्ताओं ने ही यह पथराव किया। मंत्री ने भी आरोप लगाया है कि घटना के दौरान उन पर हमला किया गया।
दूसरी ओर भाजपा ने जवाबी आरोप लगाते हुए कहा है कि गिरिश पार्क से गुजर रहे उसके कार्यकर्ताओं पर तृणमूल समर्थकों ने ईंटें फेंकीं, जिससे स्थिति हिंसक हो गई।
फिलहाल चुनाव आयोग पूरे मामले पर नजर रखे हुए है और नई रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की संभावना है।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर
