-केंद्रीय बजट 2026 देश की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब

-गुरुग्राम में बजट को लेकर केंद्रीय मंत्री ने की पत्रकार वार्ता

गुरुग्राम, 07 फरवरी (हि.स.)। केंद्रीय राज्य मंत्री एवं स्थानीय सांसद राव इंद्रजीत सिंह ने केंद्रीय बजट को देश की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल वादों की सूची नहीं, बल्कि कर्तव्यबोध, स्पष्ट सोच और मजबूत इरादों का दस्तावेज है। उन्होंने कहा कि यह बजट सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत हर नागरिक के प्रति दायित्व निभाने का संकल्प लिया गया है। वे शनिवार को स्थानीय पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में पत्रकारों से बात कर रहे थे।
राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि इस बजट में समाज के हर वर्ग, हर क्षेत्र और हर नागरिक को सशक्त बनाने का स्पष्ट रोडमैप दिखाई देता है। यह केवल घोषणाओं तक सीमित बजट नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर अवसर, प्रोत्साहन और सहयोग उपलब्ध कराने वाला विजन है, जो देशवासियों को निरंतर आगे बढऩे की ताकत देता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विरासत और विकास को साथ लेकर आगे बढऩे की सोच इस बजट में पूरी मजबूती से उभरकर सामने आती है। विनिर्माण, बुनियादी ढांचा, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन, ग्रामीण विकास, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, खेल हर क्षेत्र को समाहित करते हुए यह बजट विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में निर्णायक कदम है।
इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में एक दशक में ऐतिहासिक निवेश
राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में केंद्र सरकार ने पिछले एक दशक में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की है। उन्होंने बताया कि सडक़ परिवहन व राजमार्ग के लिए 2013-14 में जहां 31,302 करोड़ का प्रावधान था, वहीं 2026-27 में यह बढक़र 3,09,875 करोड़ हो गया है। इसी तरह रेलवे का बजट 26,000 करोड़ से बढक़र 2,81,377 करोड़, आवास एवं शहरी कार्य 1,486 करोड़ से बढक़र 85,822 करोड़ तथा ऊर्जा क्षेत्र 10,000 करोड़ से बढक़र 29,997 करोड़ पहुंच गया है। यह आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि सरकार बुनियादी ढांचे को अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनाने के लिए निरंतर निवेश कर रही है।
मजबूत निवेश से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मिल रही नई दिशा
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर बोलते हुए राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि 2013-14 के मुकाबले मौजूदा बजट में विनिर्माण को नई दिशा दी गई है। एमएसएमई के लिए 10,000 करोड़ रुपये का एसएमई ग्रोथ फंड, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के विस्तार के लिए 40,000 करोड़ का प्रावधान और बायोफार्मा शक्ति योजना के तहत 10,000 करोड़ का निवेश इसका प्रमाण है। इसके साथ ही टेक्सटाइल, कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग और हाई-टेक टूल रूम जैसी योजनाएं भारत को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में मजबूत आधार प्रदान करेंगी।
हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर
