–लकड़ी कारोबारियों के खिलाफ कार्यवाही के बाद बढ़ गया कारोबार

हमीरपुर, 10 फरवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के सुमेरपुर कस्बे के हुए लव जिहाद, गैंगरेप एवं धर्मांतरण के दबाव की घटना के बाद वन विभाग ने त्वरित कार्यवाही करके आरोपितों के लकड़ी कारोबार को पूरी तरह से ठप करा दिया है। इसके बावजूद कस्बे में लकड़ी कारोबार नियमों को ताक पर रखकर धड़ल्ले से जारी है, जबकि कारोबार करने वालों का कारखाना प्रशासन ने गैंगस्टर में वर्षों पूर्व सीज कर रखा है। इसके बाद भी कारोबार बदस्तूर जारी है।

गत माह सुमेरपुर कस्बे में हुए लव जिहाद, गैंगरेप एवं धर्मांतरण के दबाव की घटना के बाद वन विभाग ने आरोपितों के मुख्य कारोबार लकड़ी चिरान आदि को पूरी तरह से ठप कराकर सीज करा दिया है। कस्बे के लकड़ी माफिया का कारोबार ठप होते ही दूसरे कारोबारियों की बल्ले बल्ले हो गई है। यह लोग नियमों को ताक पर रखकर टैक्स की चोरी करके रात दिन धड़ल्ले से कारोबार कर रहे हैं। बताते हैं कि जलाऊ लकड़ी की आड़ में टिंबर वाली लकड़ी को टैक्स चोरी करके बाहर भेजा जा रहा है। टिंबर वाली लकड़ी में 18 प्रतिशत जीएसटी है।
यह पूरा खेल अधिकारियों की मिलीभगत से खेला जा रहा है। रात होते ही लकड़ी कारोबारी सक्रिय हो जाते हैं। पूरी रात उनके वाहन हाईवे सहित सभी लिंक मार्गाे में दौड़ते हैं। मौजूदा समय में बांदा महोबा छतरपुर चित्रकूट जिलों से लकड़ी कस्बे में लाकर 10 से 15 ट्रक लकड़ी बाहर भेजी जा रही है, जो लोग कारोबार कर रहे हैं। उनके प्रतिष्ठानों को गैंगस्टर एक्ट के तहत प्रशासन ने सीज कर रखा है। इसके बाद यह लोग उसी जगह पर धड़ल्ले से कारोबार को अंजाम दे रहे हैं। विधि विशेषज्ञों के मुताबिक यह नियम विरुद्ध है। सीज प्रतिष्ठान में कारोबार नहीं किया जा सकता है।
थानाध्यक्ष अनूप सिंह ने मंगलवार को बताया कि सीज प्रतिष्ठान परिसर में कारोबार चल रहा है, इसकी जानकारी नहीं है। अगर ऐसा किया जा रहा है, तो यह नियम विरुद्ध है। वह जांच करके दोषियों के खिलाफ विधिक कार्यवाही करेंगे।
इस सम्बंध में जब वन क्षेत्राधिकारी अजय कुमार वर्मा से सम्पर्क का प्रयास किया गया तो उन्होंने काल नहीं रिसीव किया। मंडी सचिव ब्रजेश निगम ने बताया कि प्रतिदिन दो से तीन ट्रक जलाऊ लकड़ी का गेटपास बन रहा है। सप्ताह में एक ट्रक टिंबर वाली लकड़ी का गेटपास बनता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज मिश्रा
