पलामू, 24 जनवरी (हि.स.)। जिला मुख्यालय से सटे चैनपुर ब्लॉक मैदान में भाजपा की ओर से वीबी-जी राम जी विकसित भारत रोजगार की गारंटी और आजीविका मिशन (ग्रामीण) का जिला सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष अमित तिवारी ने की, जबकि संचालन जिला महामंत्री विजय ठाकुर ने किया।

कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि सांसद विष्णु दयाल राम ने कहा कि 2005 में मनरेगा शुरू हुई, लेकिन अब ग्रामीण भारत बदल गया है। 2011-12 में ग्रामीण गरीबी 25.7 से घटकर आज 4.86 रह गई है। कनेक्टिविटी में सुधार हुआ है और आजीविका में विविधता आई है। पुराना ओपन एडेड मॉडल अब आज की ग्रामीण अर्थव्यवस्था से मेल नहीं खाता।
सांसद ने कहा कि 2005 में हमारी जरूरत अलग थी, अब हमारी जरूरत अलग है। इसलिए इस ग्रामीण रोजगार योजना को 2025 की जरूरत के अनुसार पुनः व्यवस्थित करना पड़ा है। नए कानून का फोकस चार प्राथमिकताओं पर है जल संबंधी कार्य, कोर ग्रामीण बुनियादी और आजीविका संबंधी बुनियादी ढांचा का निर्माण और खराब मौसम के कारण काम में कमी को कम करना है।
उन्होंने कहा कि वीबी-जी राम जी बिल में प्रावधान किया गया है कि बुआई और कटाई के मौसम में 60 दिन काम बंद कर दिया जाएगा। इसका उद्देश्य बुआई और कटाई के समय मजदूरों की कमी नहीं होने देना है। नए बिल में मनरेगा के उलट हर हफ्ते पेमेंट किया जा सकता है। मनरेगा में 15 दिन में मजदूरी का भुगतान होता था।
प्रदेश महामंत्री मनोज सिंह ने कहा कि हर गरीब को रोजगार मिले और उसकी गरिमा का सम्मान हो, गरीब जनजाति और पिछड़ा को रोजगार मिले इसे लेकर ही कानून लाया गया है। विकसित भारत-47 के राष्ट्रीय विजन के अनुसार ग्रामीण विकास का नया ढांचा तैयार करना है। यह बिल महात्मा गांधी की भावना के अनुरूप है। ग्रामीण परिवार को हर साल 125 दिन के रोजगार की गारंटी मिलेगी। वन क्षेत्र में काम करने वाले कामगारों को 25 दिन का रोजगार और अधिक मिलेगा।
जिलाध्यक्ष अमित तिवारी ने कहा कि मनरेगा पर अब तक 1174 लाख करोड रुपये खर्च हुए जिसमें मोदी सरकार ने 853 लाख करोड रुपये खर्च किए हैं।
कार्यक्रम को श्याम नारायण दुबे, विपिन बिहारी सिंह, पूर्व मेयर अरुणा शंकर, जिला परिषद सदस्य प्रमोद सिंह, परशुराम ओझा सहित अन्य नेताओं ने संबोधित किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिलीप कुमार
