चेन्नई,03 मार्च (हि.स.)। गर्मी का मौसम शुरू होने के साथ ही तमिलनाडु स्वास्थ्य विभाग ने राज्य में चिकनपॉक्स (छोटी माता) के मामलों में वृद्धि की आशंका जताई गई है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से इसकी रोकथाम और एहतियाती उपायों संबंधी एक विस्तृत गाइड लाइन जारी की है। इसमें कहा गया है कि यदि चिकनपॉक्स के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी अस्पताल जाकर उपचार कराना चाहिए।

चिकनपॉक्स (छोटी माता)

सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया है कि चिकनपॉक्स एक अत्यधिक संक्रामक वायरल रोग है, जाे एक वायरस के कारण होता है और यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में बहुत आसानी से फैलता है। यह रोग संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकलने वाली हवाई बूंदों, फफोलों से निकलने वाले तरल पदार्थ के संपर्क में आने से, या संक्रमित व्यक्ति द्वारा उपयोग किए गए कपड़े, बर्तन आदि के इस्तेमाल से फैल सकता है।
यह बीमारी आमतौर पर हल्के बुखार, थकान, कमजोरी और भूख न लगने जैसे लक्षणों से शुरू होती है। इसके बाद शरीर पर छोटे पानी से भरे फफोले निकलते हैं, जो पूरे शरीर में फैल सकते हैं। कुछ दिनों में ये फफोले फटकर सूख जाते हैं।
हालांकि यह रोग बच्चों और वयस्कों में सामान्यतः हल्का होता है, लेकिन गर्भवती महिलाओं, शिशुओं और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों में गंभीर प्रभाव डाल सकता है। यदि शुरुआत में ही पहचान कर रोगी को अलग रखा जाए और उचित उपचार दिया जाए तो यह आसानी से ठीक हो सकता है।
अपनाए जाने वाले बचाव उपाय
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व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखें और हाथों को बार-बार धोएं।
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खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकें।
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पर्याप्त पानी और पौष्टिक भोजन का सेवन करें।
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संक्रमित व्यक्ति को सभी फफोले सूखने तक (लगभग 7–10 दिन) घर में अलग रखें।
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संक्रमित बच्चों को पूरी तरह ठीक होने तक स्कूल न भेजें।
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सार्वजनिक स्थानों पर जाने से बचें।
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संक्रमित व्यक्ति के कपड़े और बिस्तर को कीटाणुनाशक या गर्म पानी से धोएं।
यदि बीमारी के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी सरकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सरकारी अस्पताल या सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जाएं।
अधिक जानकारी के लिए 24 घंटे की हेल्पलाइन नंबर 104 पर संपर्क किया जा सकता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / Dr. Vara Prasada Rao PV
