
रायपुर , 26 फ़रवरी (हि.स.)।छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र के चौथे दिन गुरुवार को सदन में जेलों में कैदियों की मौत और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर तीखी बहस हुई।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा से सवाल किया कि जनवरी, 2025 से 31 जनवरी, 2026 की अवधि में राज्य के जेलों में कितनी अस्वाभाविक मृत्यु हुई हैं? क्या इन सभी प्रकरणों में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप न्यायिक जांच पूर्ण कर ली गई है?

इसके साथ ही उन्होंने सवाल किया कि राज्य की जेलों की वर्तमान क्षमता के विरुद्ध कैदियों की संख्या 150 फीसदी से अधिक होने का क्या कारण है? क्या पिछले एक वर्ष (जनवरी, 2025 से 31.01.2026 तक) में राज्य में हत्या, लूट और फिरौती जैसे जघन्य अपराधों में 35फीसदी की वृद्धि हुई है? राज्य में पिछले 12 महीनों में पुलिस द्वारा पकड़े गए अंतर्राज्यीय ड्रग तस्करों की सूची दें?
गृह मंत्री विजय शर्मा ने जवाब में बताया कि इस अवधि में 66 बंदियों की मृत्यु हुई है।इन 66 मामलों में से 18 प्रकरणों में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार मजिस्ट्रियल जांच पूरी हो चुकी है, जबकि शेष 48 मामलों में जांच जारी है।
इस पर भूपेश बघेल ने मृतकों की नामवार सूची और विशेष रूप से जीवन ठाकुर के मामले की जानकारी मांगी। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसे ‘सरकारी हत्या’ करार दिया और जेलों में क्षमता से अधिक कैदी होने का मुद्दा उठाया। मंत्री ने कहा कि जीवन ठाकुर का नाम सूची में शामिल है और उनकी तबीयत खराब होने पर इलाज के बाद मृत्यु हुई। वहीं, उन्होंने पंकज साहू का मामला निर्धारित अवधि से बाहर का बताया और जांच प्रक्रिया नियमानुसार होने की बात कही।
गृहमंत्री विजय शर्मा बोले- जनवरी 2025 से 31 जनवरी 2026 तक 66 बंदियों की मौत हुई।इसी दौरान ड्रग मामलों को लेकर भी चर्चा हुई। भूपेश बघेल ने 282 ड्रग प्रकरणों की सूची में नाव्या मलिक का नाम नहीं होने पर सवाल उठाया और उसके विदेशी कनेक्शन की जानकारी मांगी।
विधायक चातुरी नंद ने रायपुर के फार्महाउसों में होने वाली अवैध गतिविधियों पर सवाल उठाए। नव्या मलिक पर दिल्ली और मुंबई से ड्रग्स लाकर हाई-प्रोफाइल पार्टियों में सप्लाई करने के आरोप हैं, जिसमें कई रसूखदारों के नाम भी सामने आए हैं।
गृहमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार नशे के नेटवर्क को तोड़ने के लिए एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन कर चुकी है और दोषियों की संपत्ति कुर्क करने जैसी सख्त कार्रवाई की जा रही है। मंत्री विजय शर्मा ने बताया कि 282 मामलों में 206 में चालान पेश हो चुका है और 662 आरोपियोंतों की गिरफ्तारी हुई है। उन्होंने संबंधित नाम पर पूरी जानकारी उपलब्ध कराने की बात कही।
हिन्दुस्थान समाचार / केशव केदारनाथ शर्मा
