प्रयागराज, 22 जनवरी (हि.स.)। छोटे लोहिया पंडित जनेश्वर मिश्र समाजवाद के ऐसे योद्धा थे, जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन सामाजिक न्याय, लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्षता की मजबूती के लिए समर्पित कर दिया। उक्त बात गुरुवार को प्रयागराज सपा कार्यालय में आयोजित स्वर्गीय जानेश्वर मिश्रा की पुण्यतिथि के मौके पर समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने कही।

उन्होंने कहा कि वह सदैव संसद में आम जनता की आवाज बुलंद करने वाले निर्भीक नेता थे। उन्होंने कहा कि स्व. जनेश्वर मिश्र का राजनीतिक जीवन सादगी, सिद्धांत और संघर्ष का प्रतीक था। उन्होंने कभी सत्ता को लक्ष्य नहीं बनाया, बल्कि सत्ता को समाज के कमजोर, पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक और वंचित वर्गों के कल्याण का माध्यम माना। केंद्रीय मंत्री रहते हुए भी उनकी जीवनशैली अत्यंत सरल रही, जो आज के समय में राजनेताओं के लिए एक प्रेरणा है। सपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि डॉ लोहिया, स्व जनेश्वर मिश्रा, स्व मुलायम सिंह यादव आदि समाजवादी नेताओं से प्रेरणा लेकर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पीडीए की ताकत को बढ़ाना चाहते हैं। इस अवसर पर गोष्ठी में एमएलसी डॉ मान सिंह यादव ने कहा कि स्व. जनेश्वर मिश्र समाजवादी आंदोलन के वैचारिक स्तंभ थे। डॉ. राममनोहर लोहिया के विचारों से प्रेरित होकर उन्होंने सामाजिक असमानता, आर्थिक विषमता और साम्प्रदायिक राजनीति के खिलाफ आजीवन संघर्ष किया। वे मानते थे कि सच्चा समाजवाद तभी संभव है, जब समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को सम्मान और अधिकार मिले।
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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल
