जबलपुर, 02 फ़रवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के जबलपुर लोकायुक्त पुलिस ने छिंदवाड़ा स्थित मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में सोमवार को उस वक्त हड़कम्प मच गया जब जबलपुर से पहुंची लोकायुक्त की टीम ने डाटा मैनेजर जितेन्द्र यदुवंशी को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा। जितेन्द्र यदुवंशी उक्त रिश्वत ट्रांसफर कराने के बदले ले रहा था।

इस संबंध में लोकायुक्त एसपी अंजुलता पटले ने बताया कि पुष्पा वडकरे उम्र 45 वर्ष ने शिकायत दी की वह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रोहनाकला में नर्सिंग ऑफीसर के पद पर कार्यरत हैं। वे स्थानांतरण रोहनाकला से पास के ही संजीवनी क्लीनिक में करवाना चाहती थीं। इस कार्य के लिए जब उन्होने आवेदन दिया तो राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के डाटा मैनेजर जितेन्द्र यदुवंशी ने उनसे 50 हजार रुपये की मांग की थी।
एसपी ने शिकायत का सत्यापन करने के बाद टीम गठित की इसके बाद सोमवार को पुष्पा बडकरे ऑफिस पहुंची और तय समय के अनुसार जैसे ही जितेन्द्र यदुवंशी ने 50 हजार रुपए लिए, तभी लोकायुक्त टीम के निरीक्षक बृजमोहन सिंह नरवरिया, निरीक्षक राहुल गजभिये, उप निरीक्षक शिशिर पांडेय एवं अन्य सदस्यों ने दबिश देकर जितेन्द्र यदुवंशी को रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक
