
सारण, 10 मार्च (हि.स.)। जिलाधिकारी ने महिलाओं की सहायता हेतु संचालित वन स्टॉप सेंटर एवं जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वीमेन के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि इन केंद्रों का मुख्य उद्देश्य पीड़ित महिलाओं को त्वरित न्याय और सुरक्षा प्रदान करना है। कार्यों में शिथिलता और मामलों के विधिवत फॉलो-अप में कमी पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए केंद्र प्रशासक से स्पष्टीकरण की मांग की है।

बैठक में जानकारी दी गई कि सोनपुर में भी वन स्टॉप सेंटर के संचालन की प्रक्रिया जारी है। यह सेंटर फिलहाल एक उपयुक्त निजी भवन में संचालित होगा। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सोनपुर पहले उक्त भवन की सुरक्षा एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की गहन जांच सुनिश्चित करेंगे। मानकों पर सही पाए जाने के बाद ही वहां केंद्र शुरू किया जाएगा।
रिक्त पदों पर भर्ती और व्यवस्थाएं
सेंटर में सुरक्षा प्रहरी, रसोइया, केस वर्कर और पैरा मेडिकल स्टाफ के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि प्राप्त दावा-आपत्तियों का निराकरण कर अविलंब काउंसलिंग और साक्षात्कार की तिथि निर्धारित करें। प्रक्रिया पूर्ण होते ही फाइनल मेधा सूची प्रकाशित की जाए। पालना घर का नियमित निरीक्षण और वहां सफाई की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने कार्यस्थलों पर लैंगिक भेदभाव और हिंसा की रोकथाम के लिए आंतरिक शिकायत समिति के गठन की प्रभावी मॉनिटरिंग का निर्देश दिया। साथ ही, वन स्टॉप सेंटर में आने वाली पीड़ित महिलाओं की स्थिति का नियमित फॉलो-अप लेने की हिदायत दी ताकि उन्हें मिलने वाली सहायता केवल कागजों तक सीमित न रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय कुमार
