जींद, 10 मार्च (हि.स.)। हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणु भाटिया ने कहा है कि हमारे पास टटीरी गाने की दो शिकायतें आई थी। हमने तुरंत संज्ञान लेते हुए गाने को रोकने के लिए समन जारी किए। उन्हाेंने कहा कि 13 मार्च को बादशाह को पानीपत बुलाया गया है। गाने में जो शब्द इस्तेमाल किए गए हैं, वे शर्मनाक हैं। गाने में स्कूली छात्राएं और रोडवेज बस दिखाई गई हैं। लड़कियों के लिए जो शब्द बोले गए हैं, वे माफी के लायक नहीं हैं।

हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणु भाटिया यहां मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत कर रही थी। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर शिकायत से सुकून तक के तहत अभियान चलााया जा रहा है। आठ मार्च से शुरू हुए इस अभियान के तहत हर दिन दो या तीन जिलों के मामलों को एक स्थान पर सुन कर उनका समाधान करने का प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को जींद में जींद और कैथल जिलों के मामलों की सुनवाई की गई। उन्होंने बताया कि जनसुनवाई में कैथल के 10 और जींद के 18 मामले कुल 28 शिकायतें आयोग के समक्ष आईं। इनमें से अधिकांश मामले दहेज, व्यक्तिगत व यौन उत्पीडऩ और संपत्ति विवाद से जुड़े थे। भाटिया ने कहा कि कई बार लोग पारिवारिक या संपत्ति से जुड़े निजी विवादों को यौन उत्पीडऩ का रूप दे देते हैं, जो उचित नहीं है। उन्होंने समाज से अपील करते हुए कहा कि देवर, जेठ, सास, बहू या पारिवारिक संपत्ति से जुड़े विवादों को अनावश्यक रूप से यौन उत्पीडऩ के मामलों में नहीं बदलना चाहिए। उन्होंने बताया कि जिन मामलों का समाधान नहीं हो सका है, उनकी सुनवाई के लिए कुछ मामलों को पंचकूला में अगली तारीख पर रखा गया है। उन्होंने कहा कि आयोग का उद्देश्य केवल शिकायत सुनना नहीं बल्कि महिलाओं को न्याय और मानसिक सुकून दिलाना है। इसी उद्देश्य से पूरे सप्ताह अलग-अलग जिलों में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा
