जौनपुर,04 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जाैनपुर जिले में 25 अगस्त 2025 को नगर कोतवाली थाना अंतर्गत मछलीशहर पड़ाव के पास बिजली के खंभे में उतरे विद्युत करंट की चपेट में आकर तीन लोगों की मौत हाे गई थी। इस मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) न्यायालय ने गंभीर रुख अपनाते हुए शनिवार को जांच के आदेश दिए हैं। वाराणसी क्षेत्र के मुख्य अभियंता, विद्युत विभाग को पूरे प्रकरण की जांच सौंपी गई और उन्हें सात अप्रैल तक अपनी रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।

मामले में मियापुर लाइन बाजार निवासी साक्षी मिश्रा ने अधिवक्ता उपेंद्र विक्रम सिंह एवं हिमांशु श्रीवास्तव के माध्यम से न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। इसमें नगर पालिका अध्यक्ष, अधिशासी अधिकारी, विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता (जौनपुर शहरी), लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता, मुख्य राजस्व अधिकारी तथा जल निगम के संबंधित अधिकारियों समेत अन्य कर्मचारियों पर गैर इरादतन हत्या का आरोप लगाया गया है।
प्रार्थना पत्र के अनुसार, 25 अगस्त 2025 को मछली शहर पड़ाव के पास सड़क पर एक गड्ढा था, जहां बिजली के खंभे से लटक रहा जर्जर तार टूटकर गिरा हुआ था। इससे गड्ढे में करंट प्रवाहित हो रहा था। इसी दौरान साक्षी मिश्रा की बहन प्राची मिश्रा वहां से गुजरते समय गड्ढे में गिर गईं और करंट की चपेट में आ गईं। बताया गया कि टूटी नाली के ढक्कन के कारण हादसा और गंभीर हो गया। घटना के लगभग 28 घंटे बाद उनका शव खुले नाले से बरामद हुआ। उन्हें बचाने के प्रयास में दो अन्य लोग भी करंट की चपेट में आ गए और बहकर उनकी भी मौत हो गई थी। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि संबंधित विभागों की घोर लापरवाही और उपेक्षा के कारण यह हादसा हुआ। प्रार्थी ने पहले कोतवाली थाना और पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी, लेकिन कार्रवाई न होने पर न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। अब न्यायालय के आदेश के बाद मामले की जांच तेज होने की उम्मीद है।————–
हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव
