-आजीविका मिशन की मदद से गाय के गोबर से प्राकृतिक पेंट बना रही 52 समूहों की 500 से अधिक महिलाएं

-गौशाला ने महिलाओं को दिखाई आत्मनिर्भरता की राह
झांसी, 08 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने महिला सशक्तिकरण और गौवंश संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में कई महत्वपूर्ण पहलें की जा रही हैं। झांसी के चिरगांव ब्लॉक के ग्राम पंचायत गुलारा की गौशाला और यहां स्थापित गाय के गोबर से पेंट बनाने का प्लांट एक अनूठा उदाहरण बनकर सामने आया है। यहां के गौशाला में एक ओर जहां निराश्रित गौवंशों को संरक्षण दिया जाता है तो दूसरी ओर गाय के गोबर से पेंट बनाकर महिलाएं उद्यमिता और आजीविका की राह दिखा रही हैं।
उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत 52 से अधिक स्वयं सहायता समूहों की 500 से अधिक महिलाओं की गठित गोवर्धन प्रेरणा महिला लघु उद्योग समिति ने खादी प्राकृतिक पेंट प्लांट की शुरुआत पिछले वर्ष 2025 में की है।
समूह की महिला सदस्यों को आत्मनिर्भर बनाते हुए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थापित इस प्लांट को संचालित करने के लिए महिलाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।
खादी इंडिया के जयपुर स्थित कुमारप्पा इंस्टिट्यूट में महिलाओं को प्रशिक्षण दिलाया गया है। यह अनूठा प्रयास ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
गाय के गोबर से बने प्राकृतिक पेंट पर्यावरण के अनुकूल माने जाते हैं और बाजार में इसकी मांग बढ़ रही है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकारी भवनों की दीवारों को गाय के गोबर के पेंट से रंगने के निर्देश कई बार दे चुके हैं। प्लांट और गौशाला के रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी महिलाएं संभालती हैं।
उत्तर प्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन और डेवलपमेंट अल्टरनेटिव्स नाम की गैर सरकारी संस्था ने महिलाओं को यूनिट की स्थापना के काम में तकनीकी और आर्थिक सहायता प्रदान की है।
गोवर्धन प्रेरणा महिला लघु उद्योग समिति की सचिव दमयंती राजपूत ने बताया कि इस प्लांट में एक दिन में लगभग एक हजार लीटर तक पेंट तैयार कर लिया जाता है। गाय के गोबर से तैयार पेंट की काफी डिमांड है और कंपनी थोक के रेट में यहां से पेंट खरीद कर ले जाती है। यहां तैयार पेंट की बिक्री आसानी से हो जाती है। यहां सभी जिम्मेदारी महिलाएं ही संभालती हैं और आजीविका मिशन के माध्यम से मदद प्रदान की जाती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / महेश पटैरिया
