रांची, 24 फरवरी (हि.स.)। झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन मंगलवार को सदन में नदियों के प्रदूषण और कथित अतिक्रमण का मामला प्रमुखता से उठा। जमशेदपुर पश्चिम से विधायक सरयू राय ने इस मुद्दे को सदन में उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा।

विधायक ने विशेष रूप से दामोदर नदी में बढ़ते प्रदूषण और अतिक्रमण का प्रश्न उठाया। उन्होंने पूछा कि क्या नागरिक प्रयासों से औद्योगिक प्रदूषण से लगभग मुक्त हुई दामोदर नदी फिर से प्रभावित हो रही है।

सवाल में आरोप लगाया गया कि दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) के चंद्रपुरा ताप विद्युत गृह के ऐश पॉन्ड विस्तार के दौरान नदी क्षेत्र में अतिक्रमण हुआ है। साथ ही बोकारो ताप बिजली घर की क्षतिग्रस्त पाइपलाइन से दूषित बहिस्राव के कोनार नदी में गिरने की बात कही गई। इसके अलावा राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम (एनटीपीसी) पर टंडवा क्षेत्र में कोयला खनन से निकले दूषित पानी को सीधे दामोदर नदी में प्रवाहित किए जाने का आरोप भी लगाया गया।
विधायक के सवाल के जवाब में राज्य के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि सरकार मामले को गंभीरता से ले रही है। पूरे प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई थी, जिसने अपनी जांच पूरी कर आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं।
मंत्री ने बताया कि विभाग को प्रत्येक माह प्रगति रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया गया है, जिससे कि प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण से संबंधित कानूनों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा सके। सरकार ने स्पष्ट किया कि यदि जल एवं वायु संरक्षण अधिनियम के उल्लंघन के तथ्य सामने आते हैं, तो संबंधित एजेंसियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।————–
हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे
