मुंबई,29 जनवरी (हि. स.) ।ठाणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के कर्मचारी अच्छे लेखक, गायक और कवि भी हैं। साथ ही, ठाणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने हमेशा कला का सम्मान किया है। मराठी भाषा पखवाड़े के अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए ठाणे मनपा के अतिरिक्त आयुक्त संदीप मालवी ने कहा कि ठाणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन को हमेशा ही कलाकारों और कला को सहेजने वाली म्युनिसिपैलिटी के तौर पर जाना जाता है।,

ठाणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने मराठी भाषा पखवाड़े के मौके पर कई साहित्यिक प्रोग्राम आयोजित किए। इसी कड़ी में कवि सम्मेलन 27 जनवरी को स्वर्गीय नरेंद्र बल्लाल हॉल में हुआ। प्रोग्राम में डिप्टी कमिश्नर उमेश बिरारी, पी. डिप्टी पब्लिक रिलेशन्स ऑफिसर प्राची डिंगणकर समेत म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के अलग-अलग डिपार्टमेंट के बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद थे। एडिशनल कमिश्नर 1 संदीप मालवी ने मौजूद कवियों का स्वागत किया।

चामुला, जो स्वयं एक पत्रकार और कवि होने की दोहरी ज़िम्मेदारी संभालते हुए न्यूज़लेस पोएट्री नाम का पॉपुलर प्रोग्राम कर रहे हैं, उन्हें इस मौके पर पोएट्री मीट में बुलाया गया था। ग़ज़ल सिंगर सुनील तांबे, न्यूज़ एंकर और कवि यामिनी दलवी, पत्रकार कवि सुरेश थमके, पंकज दलवी और प्रशांत डिंगांकर ने कवि मीट में एक से एक इमोशनल कविताएँ पेश करके दर्शकों का दिल जीत लिया।
कभी प्यार पर फोकस करते हुए, कभी व्यंग्य भरे वर्तमान पर, कभी दर्द, तकलीफ़, ज़िंदगी के संघर्षों, ज़िंदगी के शाश्वत सच पर तो कभी हल्के-फुल्के मज़ाक पर, इन कवियों ने इस मौके पर इंसानी भावनाओं को दिखाती कविताएँ पेश कीं।
ग़ज़ल, हाइकू, फ्री वर्स, पद्य और चार लाइनों जैसी कविता की अलग-अलग विधाओं को संभालने वाले इस कवि ने इस मौके पर कविता के समृद्ध इतिहास को सामने लाया। कवि सम्मेलन का समापन गिरंगांव के मजदूरों की आवाज नारायण सुर्वे को उनकी जन्म शताब्दी के मौके पर याद करने और महान भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर को गणतंत्र दिवस के मौके पर श्रद्धांजलि देने के साथ हुआ। प्रशांत डिंगणकर की व्यंग्य कविता बा विट्ठला, यामिनी दलवी की ग़ज़ल सुखला आज माहेरी पुन्हा पत्रयाला संगु…… जबकि सुनील तांबे की तरनुम्मा में ग़ज़ल हार नहीं जीत नहीं श्वास ग़ज़ल.. को दर्शकों ने खूब पसंद किया। पंकज दलवी की हल्की-फुल्की हास्य कविताओं ने हॉल को हंसी और तालियों से भर दिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / रवीन्द्र शर्मा
