-मध्य पूर्व में संघर्ष के बीच डीजीसीए ने एयरलाइंस को 11 एयरस्पेस से बचने की दी सलाह

नई दिल्ली, 28 फरवरी (हि.स)। ईरान-इजरायल के बीच जारी संघर्ष और मध्य पूर्व में बढ़ते टकराव के मद्देनजर विमानन नियामक नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने बड़ा फैसला लिया है। डीजीसीए ने शनिवार को भारतीय एयरलाइंस कंपनियों को ईरान, सऊदी अरब और यूएई सहित 11 देशों के हवाई क्षेत्रों का उपयोग 2 मार्च तक न करने की सलाह दी है।

डीजीसीए ने भारतीय एयरलाइंस कंपनियों को जारी निर्देश में कहा कि वे 11 देशों के ऊपर से उड़ान भरने से बचें। विमानन नियामक का जारी आदेश सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। डीजीसीए के निर्देश वाले इन 11 देशों में ईरान, इजराइल, लेबनान, यूएई, सऊदी अरब, बहरीन, ओमान, इराक, जॉर्डन, कुवैत और कतर शामिल हैं। यह नया सुरक्षा परामर्श (एडवायजरी) तुरंत लागू कर दिया गया है।
फिलहाल यह रोक 2 मार्च तक प्रभावी रहेगी। इस पाबंदी के कारण भारतीय एयरलाइंस ने मध्य पूर्व जाने वाली अपनी कई उड़ानें कुछ समय के लिए निलंबित कर दी है। वहीं, कई फ्लाइट्स के रास्ते बदले गए हैं, जबकि कुछ को रद्द करना पड़ा है। सीधे रास्ते बंद होने से विमानों को घूमकर जाना होगा, जिससे सफर का समय बढ़ जाएगा। उड़ान के समय बढ़ने से तेल का खर्च बढ़ेगा, जिसका सीधा बोझ यात्रियों की जेब पर पड़ सकता है।
उल्लेखनीय है कि विमानन कंपनियां प्रभावित यात्रियों को टिकट के पैसे वापस करने यानी दूसरी तारीख पर यात्रा करने का विकल्प दे रही हैं। डीजीसीए ने एयरलाइंस को लगातार पल-पल की जानकारी (नोटम) पर नजर रखने को कहा है, ताकि किसी भी तरह के खतरे से बचा जा सके। इसके साथ ही यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी एयरलाइन की वेबसाइट पर उड़ान का स्टेटस जरूर चेक कर लें।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर
