रांची, 10 फ़रवरी (हि.स.)। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय कांके में मंगलवार को जिला स्तरीय फाइलेरिया मुक्ति कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर विकास आयुक्त (डीडीसी) सौरव कुमार भुवानिया ने सबसे पहले खूद फाइलेरिया मुक्ति दवा का सेवन किया। इसके बाद विद्यालय की छात्रा सुषमा कुमारी (17 वर्ष) एवं निशा कुमारी (15 वर्ष) और सदर अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ प्रभात रंजन सहित अन्य स्वाथ्य कर्मी पदाधिकारियों ने दवा का सेवन करवाया। डीडीसी ने जिला के सभी नागरिकों को फाइलेरिया की दवा खाने के लिए अपील की।

उन्होंने कहा की दवा पूरी तरह सुरक्षित है। फाइलेरिया का कोई उपचार नहीं है लेकिन दवा लेकर इस समय से पहले रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि रांची के 14 प्रखंड में इसे एलिमिनेट किया जा चुका है, वही चार प्रखंड में इसे खत्म करने करने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों के द्वारा दवा का सेवन कराया जा रहा है। इन चार प्रखंड में 29 फाइलेरिया के एक्टिव केस है। दवा खाकर ही इससे बचाव किया जा सकता है, इसीलिए सभी जिलावासी इस दवा का सेवन अवश्य करें।

भुवनिया ने बताया कि फाइलेरिया के विलोपन के लिए सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम (एमडीए) 10 फरवरी से 25 फरवरी 2026 तक रांची के चार प्रखंड राहे, सोनहातू, तमाड़ एवं कांके में अभियान के रूप में चलाया जा रहा है।
इस मौके पर सिविल सर्जन रांची डॉक्टर प्रभात कुमार ने बताया कि हाथी पांव की दवा जिला के चार प्रखंड में 619 बूथ पर 1238 दवा प्रशंसकों के देखरेख में तकरीबन 5, 57,970 लोगों को खिलाई जाएगी। सभी सार्वजनिक भवन आंगनबाड़ी केंद्र स्कूल कॉलेज में बूथ के माध्यम से यह दवा खिलाई जाएगी। इस दवा का सेवन खाली पेट नहीं किया जाना है। 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों गर्भवती महिलाओं एवं अत्यंत गंभीर बीमार व्यक्तियों को भी दवा नहीं दी जाएगी। कार्यक्रम में डॉ प्रभात कुमार, वीरेंद्र कुमार सिंह, राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी, विजय कुमार प्रखंड विकास पदाधिकारी, डॉ शाहिद करीम साबरी, डॉ सीमा गुप्ता, सज्ञा श्रीवास्तव, नीलम कुमार, अंजलि गांगुली, डॉ अभिषेक पॉल, जोसेफ किरण कुमार सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar
