मंडी, 08 अप्रैल (हि.स.)। जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में आयोजित की गई जिसमें जिले में सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति तथा सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने कहा कि तेज रफ्तार और लापरवाही सड़क हादसों का मुख्य कारण है, इसलिए लोगों को ट्रैफिक नियमों का पालन करना चाहिए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को सड़क सुरक्षा के प्रति समन्वित रूप से कार्य करने तथा वार्षिक रोड सेफ्टी एक्शन प्लान शीघ्र भेजने के निर्देश दिए।

उपायुक्त ने बताया कि वर्ष 2025 में जिले में कुल 250 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 97 लोगों की मृत्यु तथा 385 लोग घायल हुए। वहीं वर्ष 2026 में 31 मार्च तक 83 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 28 लोगों की मृत्यु तथा 111 लोग घायल हुए हैं। इनमे सभी दुर्घटनाएं तेज रफ्तार तथा लापरवाही से वाहन चलाने के कारण हुई हैं। उपायुक्त ने कहा कि सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करना बेहद आवश्यक है। इसके लिए स्कूलों, कॉलेजों तथा सार्वजनिक स्थानों पर निरंतर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि सड़क सुरक्षा योजना के अंतर्गत चिन्हित सभी बिंदुओं पर निरंतर कार्य किया जाए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।
उपायुक्त ने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि नए निर्मित सड़कों पर उचित साइनेज लगाए जाएं तथा चिन्हित ब्लैक स्पॉट को प्राथमिकता के आधार पर ठीक किया जाए। उपायुक्त ने बताया कि लोक निर्माण विभाग द्वारा जिले में 323 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं। इनमें से वर्ष 2024-25 में 32 तथा वर्ष 2025-26 में 7 ब्लैक स्पॉट को ठीक किया गया है। शेष स्थानों पर भी आवश्यक सुधार कार्य प्रस्तावित हैं। उन्होंने आपातकालीन सेवाओं से जुड़े विभागों को सदैव अलर्ट रहने तथा दुर्घटना की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया समय को और बेहतर बनाने के लिए समन्वय बढ़ाने को कहा।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा
