उरई, 06 फ़रवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जालाैन जिले के उरई कोतवाली क्षेत्र में बीते दिन पिता ने नशीला पदार्थ पिलाकर बेटी के साथ दुष्कर्म को लेकर मुकदमा दर्ज कराया था। लेकिन इस मामले में नया चौंकाने वाला मोड़ आया है। मामले की पीड़िता बताई जा रही बीए की छात्रा ने आज सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर दुष्कर्म के आरोप को झूठा बताया है और अपने पिता पर दबाव डालकर झूठा मुकदमा दर्ज कराने का आरोप लगाया है।

यह मामला तब सामने आया जब छात्रा के पिता ने गुरुवार को उरई कोतवाली में एक युवक और उसके दोस्तों पर आरोप लगाया था कि नशीला पदार्थ पिलाकर उनकी बेटी के साथ दुष्कर्म किया। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपिताें के खिलाफ एफआईआर दर्ज की और जांच शुरू की। इस बीच आज छात्रा ने एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिसमें उसने दावा किया कि दुष्कर्म का आरोप पूरी तरह झूठा है। वीडियो में छात्रा ने बताया कि उसके पिता के दबाव में आकर उसने झूठा मुकदमा दर्ज कराया। छात्रा ने वीडियो में आरोप लगाया कि उसके पिता ने एक युवक के खिलाफ दुष्कर्म का झूठा मुकदमा दर्ज कराने के लिए उसे मजबूर किया। फिलहाल छात्रा ने वीडियो जारी कर बताया कि उसके साथ कोई दुष्कर्म नहीं हुआ और न ही उसे किसी ने नशीला पदार्थ पिलाया। मामले में एक पेंच तब सामने आया जब छात्रा की उम्र को लेकर दो अलग-अलग दस्तावेज सामने आए। जहां एक ओर 17 वर्ष का आधार कार्ड मिला, वहीं दूसरी ओर 21 वर्ष का आधार कार्ड भी पाया गया। इससे छात्रा के नाबालिक या बालिग होने के संशय की स्थिति बनी हुई है।
इस प्रकरण में अपर पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार वर्मा ने बताया कि वायरल वीडियो और जन्म प्रमाण पत्र को लेकर पुलिस नए पहलुओं पर जांच कर रही है
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हिन्दुस्थान समाचार / विशाल कुमार वर्मा
