बांदा, 10 फ़रवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता करना अब खतरे से खाली नहीं रहा। नगर कोतवाली क्षेत्र की सिविल लाइन चौकी अंतर्गत मान्यता प्राप्त पत्रकार इकबाल खान पर कथित रूप से पूर्व नियोजित हमले की घटना सामने आई है। यह घटना केवल एक पत्रकार पर हमला नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गंभीर चोट के रूप में देखा जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि सोमवार को दिनदहाड़े बेखौफ हमलावरों ने पत्रकार इकबाल को सिविल लाइन चौकी अंतर्गत बाइक से कुचलने की कोशिश की गई और उनका मोबाइल फोन क्षतिग्रस्त कर मौके से फरार हो गए।

हमले में गंभीर रूप से घायल इकबाल खान का कंधा टूट गया और सिर ओर चेहरे पर गहरी चोट आई हैं। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तत्काल जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, उनके चेहरे और शरीर पर कई गंभीर जख्म हैं।
घायल पत्रकार ने मंगलवार को बताया कि यह हमला अचानक नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश के तहत किया गया। उनका आरोप है कि हमलावरों का उद्देश्य उन्हें सच्चाई लिखने और बोलने से रोकना था। मोबाइल फोन तोड़े जाने से यह स्पष्ट होता है कि हमलावर सबूत नष्ट करने और संपर्क साधनों को खत्म करने की नीयत से आए थे। पीड़ित पत्रकार ने घायल अवस्था में दी गई तहरीर में एक व्यक्ति को हमले का मुख्य साजिशकर्ता बताया है, जबकि अन्य आरोपितों की पहचान फिलहाल नहीं हो सकी है।
नगर कोतवाली प्रभारी बलराम सिंह ने बताया कि मामले की जांच सिविल लाइन चौकी प्रभारी को सौंपी गई है। प्रकरण की जानकारी पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल को भी दे दी गई है और जांच प्रक्रिया जारी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल सिंह
