जम्मू, 18 अप्रैल (हि.स.)। संसद में हालिया घटनाक्रम के बाद वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बाली भगत ने कांग्रेस पार्टी पर महिला सशक्तिकरण को लेकर तीखा हमला बोला है। लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संवैधानिक संशोधन विधेयक के पारित न होने पर प्रतिक्रिया देते हुए भगत ने कहा कि कांग्रेस का “दशकों पुराना दोहरा रवैया” एक बार फिर देश के सामने उजागर हो गया है। उन्होंने कहा कि जब महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का समय आया तो कांग्रेस ने एक बार फिर राजनीति को प्राथमिकता दी। भगत ने आरोप लगाया कि 1996 से लेकर 2010 और अब 2026 तक कांग्रेस ने लगातार इस विधेयक को आगे बढ़ने से रोका है।

कांग्रेस के नेतृत्व पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जिस पार्टी के पास इंदिरा गांधी जैसी महिला प्रधानमंत्री रही और सोनिया गांधी जैसे नेतृत्व का दावा है, वह महिलाओं को संसद में आरक्षण दिलाने में विफल रही। उन्होंने यूपीए शासनकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भी कांग्रेस इस विधेयक को लोकसभा में पारित नहीं करा सकी। भगत ने विपक्ष पर परिसीमन (डिलिमिटेशन) जैसे तकनीकी मुद्दों का हवाला देकर बिल को रोकने का आरोप लगाया और कहा कि यह केवल बहाना है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है—सिद्धांत रूप में समर्थन और व्यवहार में विरोध।
उन्होंने यह भी कहा कि 2023 में संसद द्वारा पारित महिला आरक्षण कानून ऐतिहासिक कदम था जो वर्षों की देरी के बाद संभव हो पाया। भगत ने कहा कि देश, खासकर महिलाएं, यह याद रखेंगी कि किसने उनके अधिकारों का समर्थन किया और किसने इसे केवल राजनीतिक मुद्दा बनाया।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा
